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Lok Sabha Elections 2019 : बंगाल में छिटपुट घटनाओं के बाद शांतिपूर्ण रहा मतदान, बीजेपी उम्मीदवार का मोवाइल तोडा तो बामपंथी उम्मीदवार की गाडी तोड़ी

 Special Coverage News |  11 April 2019 2:52 PM GMT  |  कूचबिहार

Lok Sabha Elections 2019 : बंगाल में छिटपुट घटनाओं के बाद शांतिपूर्ण रहा मतदान, बीजेपी उम्मीदवार का मोवाइल तोडा तो बामपंथी उम्मीदवार की गाडी तोड़ी
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प्रथ्वीसदास गुप्ता

2019 के पहले चरण के मतदान आज देशभर में था. पूरे देश के साथ पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में अलीपुरद्वार क्षेत्र में और कूच बिहार क्षेत्र में आज मतदान था. जहां पर अलीपुरद्वार में मतदान मतदाताओं की संख्या 1642616 थी. जहां पर 814 बूथ में 1834 मतदान केंद्र जिसमें सेंट्रल फोर्स तैनात किया गये थे और राज्य के पुलिस के कर्मचारी 1020 मतदान केंद्र में तैनात किये गये. यहां पर 46 कंपनी सेंट्रल फोर्स आई है.सुबह सात बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान चला. जिसमें अलीपुरद्वार क्षेत्र में 71 . 44 पर्सेंट मतदान हुआ.

दूसरी तरफ कूच बिहार क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 1810660 है. जहां पर उम्मीदवार की संख्या 11 है. यहां पर मतदान केंद्र की संख्या 2010 जिसमें 1253 मतदान केंद्र में सेंट्रल फोर्स तैनात थे और 757 मतदान केंद्र में राज्य के पुलिस तैनात थे. यहां पर 5:00 बजे तक मतदान 68 . 44% हुआ. हालांकि दोनों क्षेत्र के सुबह से ही आरोप-प्रत्यारोप आते रहे. मीडिया के सामने कई झड़प हुई दोनों पार्टियों में खास करके तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी भाजपा में भाजपा के साथ हुए. जिस पर कई आरोप आए कूच बिहार की माथा थाना विधानसभा क्षेत्र में बमबारी के आरोप भी लगाए गए. बीजेपी का एक मतदान केंद्र से पोलिंग एजेंट को निकाल दिया गया ऐसा आरोप बीजेपी का है. ऐसा भी दिखा गया कि मतदान कर देखने गये राज्य के मंत्री रविंद्र नाथ घोष के साथ सेंट्रल फोर्स के जवान के साथ झड़प हुई.


इधर सीतलकुची विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं का आरोप है कि उनको वोट देने नहीं दिए गए. आरोप तृणमूल के ऊपर है. बीजेपी का कहना है जहां-जहां राज्य के पुलिस तैनात थे वहां वोट नहीं हुए वहां वोट करने नहीं दिया गया. उधर ही कूच बिहार की सिचाई विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी की 1 पोलिंग एजेंट को अपहरण किया गया ऐसा आरोप है. बीजेपी का भूत पूरी मतदान केंद्र की 143 नंबर बूथ में गोली चलने की भी आरोप आए. आरोप है कि ईबीएम को लेकर के भी कई आरोप है. कूच बिहार के दिन हटा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र में ईवीएम को तोड़ फोड़ किया गया जिसके आरोप तृणमूल के ऊपर है.


उधर सिटी विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम के भी तोड़फोड़ हुई. जिसमें आरोपी को पुलिस ले गई. कूच बिहार एक जगह पर पुलिस के ऊपर पथराव किया गया. जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हुए है. आरोप है. बीजेपी के ऊपर तृणमूल का कहना है कि बीजेपी के लोगों ने जानबूझकर पुलिस को पर हमला किया. उधर बीजेपी का कहना है कि दिन हटा में कई बूथ खल्लारी हुए जिसमें तृणमूल के लोगों ने किया है उधर अलीपुरदुआर क्षेत्र में बीजेपी की प्रत्याशी का आरोप है कि पुलिस के सामने ही उनके ऊपर हमला किया. उनकी मोबाइल तोड़ दिया गया.अलीपुरद्वार क्षेत्र में मशीन को छोड़कर के विरोधियों की जो सिंबल होते हैं उसके ऊपर कागज लगा दिया गया, ऐसा आरोप है विरोधियों का. कुल मिलाकर दिन भर सुबह से जैसे पंचायत चुनाव में पूरे देश ने देखा था पश्चिम बंगाल में 100 से अधिक लोगों की हत्यायें हुई हुई थी.


बंगाल के दो लोकसभा क्षेत्र में जहां पर तृणमूल के मंत्री रविंद्र नाथ घोष का आरोप है कि दोनों क्षेत्र में 48 बूथों पर ईवीएम खराब निकला यह एक बीजेपी का साजिश है. उन्होंने लिखित में चुनाव आयोग को इसके बारे में दिया है. उधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार फोन करके अपने मंत्री से खबर ली. दोनों चुनाव की हालत के बारे में बात की. मतदान खत्म होने के बाद ही चुनाव आयोग के विशेष अधिकारी दुबे जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बोला कुल मिलाकर चुनाव मतदान शांतिपूर्ण रहा. छोटे-मोटे कुछ घटना जो घटी हैं उन पर विचार किया जाएगा उसकी रिपोर्ट मांगा गया है उधर बीजेपी की राज्य इकाई ने चुनाव आयोग के पास लिखित में कंप्लेन किया कि जितने जगह पर राज्य के पुलिस तैनात थे उस मतदान केंद्र में दोबारा चुनाव किया जाए. अब देखते हैं कि चुनाव आयोग क्या निर्णय लेता हैं.


यह दोनों क्षेत्र के ऊपर सूत्रों से खबर यह है कि कई बूथों पर राज्य पुलिस की होमगार्ड कॉन्स्टेबल भी सेना की कपड़े पहन के ड्यूटी पर लगाये गये. केंद्र पर जिसमें लोगों की समझ में नहीं आया कि कौन सा राज्य पुलिस है कौन सा सेंट्रल फोर्स है. यह आरोपी भी आया है. राज्य पुलिस के ऊपर मतदान खत्म होते ही बीजेपी की कूच बिहार क्षेत्र की उम्मीदवार निशित प्रमाणिक ने सीधे-सीधे आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर हर मतदान केंद्र में सेंट्रल फोर्स नहीं दिया. क्योंकि राज्य की सरकार और कांग्रेसियों को फायदा मिल जाए. उनका आरोप ये भी है कि जहां-जहां राज्य पुलिस अधिकारी तैनात थे वहां पर दोबारा वोट किया जाए नहीं तो आगे से चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठेंगे.


इधर विरोधियों का कहना है कि पहले दफा वोट में जिस तरह से चुनाव आयोग ने सारे आरोपों को अनदेखी की जिस तरह से आगे मतदान केंद्र में राज्य की पुलिस को तैनात किया गया इसको देखते यह लग रहा है कि कहीं ना कहीं चुनाव आयोग के साथ तृणमूल की एक साजिश हुई है. चुनाव खत्म होते ही चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि दूसरी दफा मतदान होने से पहले और भारी मात्रा में सेंट्रल फोर्स को बुलाया जाएगा आगे जो आरोप है उसके ऊपर कार्रवाई होगी.


कूचबिहार क्षेत्र में आज यह भी आरोप वामपंथियों के उम्मीदवार ने लगाया है कि उनकी गाड़ियों पर हमला किया गया. उनकी गाड़ी को तोड़फोड़ किया गया.यह आरोप तृणमूल के ऊपर वामपंथियों ने लिखित में चुनाव आयोग दिया है. चुनाव आयोग के पास अब देखते हैं इनकी आरोप के ऊपर क्या कार्रवाई करते हैं चुनाव आयोग.

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