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महिला डॉक्टर ने पहले ली 7 साल के बेटे की जान, फिर की आत्महत्या, इस बजह से उठाया ऐसा खौफनाक कदम?

डॉक्टर और उनके पति के बीच कुछ समय से रिश्ते खराब चल रहे थे और 2 महीने पहले वह अपने पिता के घर आ गई थीं.

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आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में एक बेहद ही दुखद घटना सामने आई है, जहां 33 साल की महिला डॉक्टर लावण्या दोथामशेट्टी (Lavanya Donthamsetty) ने पहले अपने 7 साल के बेटे को नींद की गोली देकर जान ले ली और फिर खुद आत्महत्या कर ली. आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

महिला डॉक्टर की पहचान लावण्या दोथामशेट्टी के रूप में हुई है, जो डर्मेटोलॉजिस्ट थीं और राजमुंदरी के राजमहेंद्रवरम स्थित बुद्धा हॉस्पिटल के जाने-माने डॉक्टर बुद्धा की बेटी थीं. लावण्या दोथामशेट्टी ने कुछ साल पहले तेलंगाना के वारंगल के रहने वाले वामसी कृष्णा से शादी की थी. उनका एक 7 साल का बेटा था, जिसका नाम निशांत था.

लावण्या और उनके पति वामसी के बीच कुछ समय से रिश्ते खराब चल रहे थे और 2 महीने पहले वह अपने पिता के घर आ गई थीं. लावण्या के पिता डॉ. बुद्धा के अनुसार उनके पति वामसी कृष्णा ने हाल ही में तलाक का नोटिस भेजा था और इसके बाद से ही वह डिप्रेशन में थीं.


33 वर्षीय लावण्या ने पहले अपने 7 साल के बेटे को नींद की गोलियां दी और फिर खुद भी ले लिया. अधिक मात्रा में नींद की गोली लेने के बाद दोनों बेहोश हो गए. जब परिवार के सदस्यों को पता चला तो वह तुरंत हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.


लावण्या के पिता डॉ. बुद्धा ने कहा कि मेरी बेटी ने अपने पति के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या की है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है.


Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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