Home > राज्य > बिहार > पटना > पटना आसरा होम कांड : बड़े नेताओं के साथ तस्वीरों पर घिरीं मनीषा दयाल!

पटना आसरा होम कांड : बड़े नेताओं के साथ तस्वीरों पर घिरीं मनीषा दयाल!

मनीषा दयाल के एनजीओ की पूरी लिस्ट है जिसपर आप भी नजर डालें -

 Special Coverage News |  2018-08-13 07:56:46.0  |  दिल्ली

पटना आसरा होम कांड : बड़े नेताओं के साथ तस्वीरों पर घिरीं मनीषा दयाल!

पटना : मुजफ्फरपुर के एक शेल्टर होम में रेप कांड के बाद पटना के एक शेल्टर होम में संदिग्ध स्थितियों में 2 लड़कियों की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शेल्टर होम के संचालक चिरंतन कुमार और सेक्रेटरी मनीषा दयाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस शेल्टर होम को अनुमाया ह्यूमन रिसोर्स फाउंडेशन (एएचआरएफ) नाम का एनजीओ चलाता है। मनीषा दयाल खुद को इस एनजीओ की डायरेक्टर बताती थीं।




मनीषा दयाल के एनजीओ की पूरी लिस्ट है जिसपर आप भी नजर डालें -

1. आसरा होम्स को चला रही हैं और अनुमाया हयूमेन रिसोर्सेज फाउंडेशन की डायरेक्टर हैं.

2. मनीषा दयाल एनजीओ आत्मा फाउंडेशन की बोर्ड मेंबर हैं.

3. भामा शाह फाउंडेशन ट्रस्ट एनजीओ की कमिटी मेंबर है मनीषा

4. एनजीओ स्पर्श डी एडीक्शन एंड रिसर्च सोसायटी में ये काउंसलर हैं मनीषा दयाल

5. इससे पहले मनीषा दयाल नव असत्तिव फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर रह चुकी हैं.

मनीषा दयाल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थीं और अपनी एनजीओ की एक्टिविटी लगातार शेयर कर रही थीं। मनीषा तस्वीरें भी शेयर किया करती थीं, एक फोटो में वह जेडीयू नेता श्याम रजक के साथ भी नजर आ रही हैं। हालांकि, खुद श्याम रजक ने मनीषा के एनजीओ के साथ किसी तरह के संबंध से इनकार किया है।




मनीषा दयाल उर्फ मिलि, ग्लैमर और सियासी कलेक्शन। शुरुआती दौर से ही मनीषा का ग्लैमर से नजदीकी नाता रहा है। शुरू में उसने मॉडलिंग भी की। बाद में कई मॉडलिंग प्रतियोगिता करवाने में भी मनीषा का नाम सामने आया। खेल प्रतियोगिताओं में भी मनीषा की दिलचस्पी थी। मनीषा दयाल का लंबा-चौड़ा सियासी और खाकी कनेक्शन भी है। एक नेता उसके दूर के संबंधी बताये जाते हैं।

जबकि पुलिस महकमे में भी मनीषा की अच्छी पहुंच है। बड़ी सिफारिश होने के कारण ही मनीषा के एनजीओ को आसरा गृह चलाने का काम मिला था। खबर यहां तक है कि आगे भी उसे कई बड़े काम मिलने वाले थे। बड़ी पैरवी का ही असर था कि चार लड़कियों के भागने की कोशिश करने के बावजूद मनीषा के एनजीओ के ऊपर एफआईआर दर्ज नहीं की गयी थी। जबकि उस रोज भी एनजीओ की लापरवाही सामने आयी थी।

मनीषा दयाल से जब पूछा गया तो उसने बताया कि शुक्रवार को हमलोग चार-साढ़े बजे थाने से होम पहुंचे। हम चार-पांच लोग दोनों संवासिनों को लेकर पीएमसीएच गये। संवासिनों को साढ़े चार-पांच बजे होम से हॉस्पिटल ले जाया गया। जबकि पीएमसीएच के रजिस्टर में 9. 26 दर्ज है। आखिर करीब पांच घंटे तक दो संवासिनें कहां थी?

डीएम कुमार रवि ने बताया कि प्रथमदृष्टया उन्हें यह जानकारी मिली है कि दोनों संवासिनें बुखार और डायरिया से पीड़ित थीं। एकाएक दोनों की तबीयत बिगड़ी। डीएम ने कहा कि छानबीन के बाद चीजें स्पष्ट होंगी। इधर, दो संवासिनों की मौत की खबर डीएम-एसएसपी को भी सही समय पर खबर नहीं दी गयी। वहीं आसरा गृह ने भी राजीवनगर थाने की घटना की जानकारी नहीं दी।

Tags:    
Share it
Top