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ईडी ने मालाबार सीमेंट्स की 24 करोड़ की संपत्ति अटैच की

ईडी ने कुल 21,66,66,720 रुपए की चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों को बरामद करने के बाद जब्त कर लिया है।

 R R Yadav |  11 Nov 2018 8:44 AM GMT  |  Mumbai

ईडी ने मालाबार सीमेंट्स की 24 करोड़ की संपत्ति अटैच की
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मुंबई, 11 नवंबर । सार्वजनिक लिमिटेड सीमेंट विनिर्माण कंपनी मेसर्स मालाबार सीमेंट्स लिमिटेड (एमसीएल) कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ साजिश रचते हुए कंपनी और सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लगाई है। केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित केरल सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली सीमेंट निर्माणकंपनी में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने छापा मारकर लगभग 24 करोड़ रुपए की संपत्त को जब्त कर लिया है।


यह जानकारी ईडी की ओर से दी गई। ईडी की ओर से बताया गया है कि मुंबई की एक कंपनी मेसर्स ऋषि टेक्टेक्स लिमिटेड के बैंक खातों और संपत्तियों को जब्त किया गया है। ठेकेदार और अधिकारियों ने सांठगांठ करते हुए कंपनी के खजाने से लगभग 24 करोड़ रुपए की हेराफेरी की है। ईडी की ओर से बताया गया कि केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित केरल सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली सीमेंट निर्माण कंपनी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले की शिकायत सामने आई थी। मालाबार सीमेंट्स लिमिटेड कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने ठेकेदार वी. एम. राधाकृष्णन के साथ साजिश रचते हुए कच्चे माल और पैकिंग सामग्री की फर्जी आपूर्ति की और बिल बनाकर भुगतान वसूल लिया। ठेकेदार और अधिकारियों ने कंपनी को कुल 23.82 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। केरल वीएसीबी की ओर से भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और धारा 120 (बी) के तहत केस दर्ज कराया था। एसीबी और केरल पुलिस ने अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और धारा 420 के तहत केस फाइल किया था। इसके अलावा मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय को भी सौंपा गया। ईडी ने पीएमएलए अधिनियम की धारा 2002 के तहत जांच शुरू की थी।


कालीकट सब-जोनल यूनिट की जांच के दौरान यह पाया गया कि ठेकेदार वी. एम. राधाकृष्णन ने एआरके वुड एंड एंप और मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड (पलक्कड़) के एमडी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सांठगांठ करते हुए एमसीएल को धोखा दिया है। ठगी के इस षडयंत्र में एमसीएल के ठेकेदार राधाकृष्णन के अलावा मेसर्स ऋषि टेकटेक्स लिमिटेड (मुंबई) और राधाकृष्णन के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। इन लोगों ने गलत तरीके से एकत्रित पूंजी को मनी लॉन्डरिंग के तहत अन्य गतिविधियों में निवेश किया। मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इन लोगों ने कई अचल संपत्तियों को खरीदा। टेकेदार और मुंबई की कंपनी के नाम से 30 भूखंड, 23 अपार्टमेंट, 1 ​​औद्योगिक इकाई, 1 आवासीय घर, 4 होटल और 1 व्यावसायिक इमारतों में निवेश किया गया है। इन लोगों ने लगभग 60 अचल संपत्तियों को खरीदकर रकम की बंदरबांट की है।


ईडी ने कुल 21,66,66,720 रुपए की चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों को बरामद करने के बाद जब्त कर लिया है। ईडी की ओर से सभी लोगों के खिलाफ पीएमएलए अधिनियम 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करते हुए इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि इस प्रकार की कार्रवाई शुरू करने से पहले ही दो अस्थायी अनुलग्नक आदेश जारी किए गए थे। इसी आदेश के तहत प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कुल 11 अचल संपत्तियों को भी अटैच कर दिया है। यह संपत्तियां ठेकेदार वी. एम. राधाकृष्णन और मेसर्स ऋषि टेक्टेक्स लिमिटेड से संबंधित हैं। इसके अलावा इन दोनों के बैंक खातों को भी सील कर दिया गया है।

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