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क्या देश का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला खुलने जा रहा है?

 Special Coverage News |  21 Oct 2019 3:38 PM GMT  |  दिल्ली

क्या देश का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला खुलने जा रहा है?

गिरीश मालवीय

देश का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला खुलने जा रहा है.... DHFL में बैंकों और दूसरी वित्तीय संस्थाओं के एक लाख करोड़ रुपए फंस गए हैं। जून में कंपनी 1,135 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान में डिफॉल्ट कर चुकी है

कल ही खबर आयी है कि कर्ज के बोझ में दबी डीएचएफएल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी कर रही है यह मामला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी इकबाल मिर्ची की मनी लांड्रिंग से जुड़ा हुआ है.

रिजर्व बैंक के अनुसार, देश में काम करने वाली 10 हजार से अधिक एनबीएफसी पर कुल बकाया 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है यह आंकड़ा बहुत भयावह है इंडिया बुल्स ओर DHFL की भी इसमे बड़ी भागीदारी है

DHFL द्वारा लिए गए 1 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में 50% पैसा बैंकों ने दिया है। शेष रकम इसे बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स से मिली है। लगभग 10% पैसा डिपॉजिट के माध्यम से आम लोगों का है अब यह कम्पनी दीवालिया घोषित होने को तैयार बैठी हुई है

DHFL में सबसे अधिक SBI का पैसा फंसा हुआ है, SBI को शक है कि अगर कर्ज से दबी DHFL के डेट रिजॉल्यूशन प्लान को अंतिम रूप देने की कोशिश नाकाम रहती है तो उससे समूचे सिस्टम के लिए खतरा पैदा होगा। बाॅन्ड में किए गए निवेश पर बैंकों को सीधे (मार्केट- टू-मार्केट) नुकसान ही 12% का हो सकता है। लेकिन लोन प्रोविजनिंग में यह नुकसान काफी बड़ा हो सकता है।

नॉन बैंकिंग लेंडर्स ने तो DHFL में अपने एक्सपोजर को रिकग्नाइज किया है, लेकिन बैंकों ने इसे अब तक NPA करार नहीं दिया है। अगर बैंक अपने एक्सपोजर को NPA करार देते हैं तो उन्हें उसके लिए एडिशनल प्रोविजनिंग करनी होगी जिससे उनके प्रॉफिट मार्जिन में कमी आएगी।

DHFL में राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) का 24.35 अरब रुपये फंसा है। मार्च, 2019 तक एनएचबी को डीएचएफएल से इतना बकाया कर्ज वसूलना था। एनएचबी आवास वित्त संस्थानों को प्रोत्साहन देने वाली प्रमुख एजेंसी है। वहीं पंजाब एंड महाराष्ट्र कोआपरेटिव बैंक (पीएमसी) से उसे 1.75 अरब रुपये वसूलने थे। जून के अंत तक दोनों सामान्य खाते थे। वधावन परिवार जिसकी DHFL में 39 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। वही परिवार रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल का संचालन भी करता था वधावन परिवार का पारिवारिक विभाजन 2013 के लगभग हुआ और इन कंपनियों को आपस मे बाँट लिया गया PMC बैंक के घोटाले में मुख्य आरोपी HDIL के प्रमोटर ही है

DHFL के बारे खोजी पत्रकारिता करने वाली न्यूज़ वेबसाइट कोबरापोस्ट ने पहले भी आगाह किया था कि कि डीएचएफएल ने कई शेल कंपनियों को करोड़ों रुपये का लोन दिया है और फिर वही रुपया वापस उन्हीं कंपनियों के पास आ गया है जिनके मालिक डीएचएफएल के प्रमोटर हैं ओर इस तरह से DHFL द्वारा करीब 31 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी की गयी है. ओर यह ये संभवत: देश का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला हो सकता है.

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