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माना कि अंधेरा घना है, लेकिन बेवकूफ़ बनाना कहाँ मना है

मोदी के वायदे के मुताबिक हर साल की तरह इस बार भी 26 मई को अपनी चौथी वर्षगाँठ के मौके पर मोदी सरकार अपने पिछले 4 साल के सभी जुमलो की रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे.

 महेश झालानी |  2018-02-25 02:47:13.0  |  जयपुर

माना कि अंधेरा घना है, लेकिन बेवकूफ़ बनाना कहाँ मना है

जनता अब यह मान बैठी है कि अगले साल यानी मई, 2019 में देश से जुमलों का अंत हो जाएगा। उधर भारतीय जुमला पार्टी (BJP) के नेता भी यह मानकर चल रहे है कि अब उनका खेल खत्म होने वाला है । इसलिए सब लोग अम्बानी-अडानी टाइप के मुर्गो को हलाल करने में सक्रिय है। कोई मोदी को विदेश से वापिस लाने का माल खा रहा है तो कोई दूसरे मोदी को भगाने के नाम पर। जुमलों के सरताज भी अब गाय, मेक इन इंडिया, राम मंदिर से इतर कोई धाकड़ जुमले की खोज में तल्लीन है। राम मंदिर घिसे-पिटे जुमले हो चुके है। हो सकता है कि अगले साल चुनाव से पहले सुदामा की महानता को उछलकर उसका ही मंदिर बनाने का एक ओर दांव खेला जाए।

भारतीय जुमला पार्टी (BJP) की मोदी सरकार अपने जुमलेबाजी के 4 शानदार साल आने वाली 26 मई को पूरे करने जा रही है. मोदी के वायदे के मुताबिक हर साल की तरह इस बार भी 26 मई को अपनी चौथी वर्षगाँठ के मौके पर मोदी सरकार अपने पिछले 4 साल के सभी जुमलो की रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे.
मोदी ने इसकी अभी से जोर-शोर से तैयारी शुरू करदी है । उन्होंने अपने सभी मंत्रियों को सख़्त हिदायत देते हुए बोला है की अपने 4 साल के सभी जुमलों की लिस्ट तैयार करें और उन पर आत्मचिंतन करें। देखें की अभी कोन कोन से ऐसे जुमले पिक किये जायें जिन्हे अभी तक एक बार भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। मोदी के निर्देशों के अनुसार आने वाले डेढ़ महीनों में उन सभी जुमलों को मीडिया में प्रचारित किया जाएगा। इसके लिए एक जुमला सेल का गठन भी किया गया है जो मीडिया के उन लोगो को भी खरीदने की कोशिश करेगी जो अब तक खरीदे नही जा सके है।
साथ साथ ही यह भी बताया कि पुराने जुमले जैसे की काला धन वापिस लाना, हर भारतीय के बैंक अकाउंट में 15 लाख डालना, भ्रष्टाचार हटाना, मंहगाई कम करना, कोहिनूर हीरा वापिस लाना, दाऊद इब्राहिम को पाकिस्तान से वापिस लाना, पाकिस्तान को दो टूक जवाब देना, एक के बदले दस सर लाना, अच्छे दिन आदि को दोबारा मीडिया में इस्तेमाल करके इनको पूरा करने की नयी तारीख को 2019 के बाद की बताई जाए। गौरतलब है की मोदी सरकार का कार्यकाल 2019 मई तक का है।
मोदी ने साफ साफ शब्दों में यह भी बोला है की दिल्ली सरकार को केंद्र से मिलने वाली सभी तरह की सहायता को रोक दें। आगे बताते हुए मोदी सरकार के प्रवक्ता ने बोला की भारत माता, गाय माता की जय और राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को 2019 तक बीच बीच में उठाते रहें ताकि भारत की आम जनता उनके किए वायदों के बारे में कोई सवाल ना पूछ सके । साथ ही आश्वस्त भी रहे कि मंदिर शीघ्र बनने वाला है।
इसके इलावा सभी मंत्रिओं को निर्देश दिए गये हैं कि स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया आदि जैसे कुछ और नामों के बारे में सोचा जाए जिन्हे की भविष्य में शुरू करने का जुमला लोगो के बीच फेंका जा सके। इसके लिए कई विशेषज्ञ नए जुमलो का उत्पादन करने में सक्रिय है। एक जुमला फैक्ट्री खोली गई है जिसमें जुमलों के ईजाद और अनुसंधान पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मोदी ने विशेष तौर पर एक नया जुमला दिया और सभी मंत्रिओं को इसको इसका भरपूर इस्तेमाल करने के लिए बोला है। वह नया जुमला है, "माना की अंधेरा घना है, लेकिन बेवकूफ़ बनाना कहाँ मना है"।

साथ ही बॉलीवुड से अनुपम खेर जैसे कुछ और बेवकुफों को ढूँडने की हिदायत दी गयी है जोकि एक आध पदमश्री के लिए अपना ज़मीर बेच कर मोदी सरकार के जुमलों को मीडिया में अच्छे से भुना सके और जिसका सीधा लाभ मोदी सरकार को मिले।
लेखक महेश झालानी एक जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है. ये उनके निजी विचार है. इस लेख के स्पेशल कवरेज न्यूज जिम्मेदार नहीं है.

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