Home > ये क्या सिस्टम बना रखा है मोदी जी आपने ?

ये क्या सिस्टम बना रखा है मोदी जी आपने ?

 शिव कुमार मिश्र |  2018-03-31 04:54:31.0

ये क्या सिस्टम बना रखा है मोदी जी आपने ?

ये क्या सिस्टम बना रखा है मोदी जी आपने ?, एक व्यक्ति सीबीएसई चेयरमैन को लगातार फैक्स और मेल के जरिए पेपर लीक होने को लेकर आगाह करता है. 26 मार्च को CBSE के ऑफिस में एक कूरियर मिलता है जिसमें 4 पेज में 12वीं क्लास के इकोनॉमिक्स के प्रश्न पत्र के सारे जवाब लिखे हुए होते हैं.

आपके CBSC के टॉप ओफ्फिशियल अंटा ग़ाफ़िल होकर पड़े रहते हैं. 28 मार्च को तड़के सुबह 1 बजकर 39 मिनट पर devn532@gmail.com के एकाउंट से सीबीएसई चेयरपर्सन को मेल मिलता है जिनमें 10वीं के गणित के पेपर और उनके जवाब मौजूद होते हैं इस मेल में पेपर को कैंसिल करने की अपील भी की जाती है.
लेकिन फिर भी आपके CBSC के टॉप ओफ्फिशियल अंटा ग़ाफ़िल होकर पड़े रहते हैं. और CBSE पेपर कैंसिल तक नहीं करती है एग्जाम खत्म होने के डेढ़ घण्टे बाद CBSC को होश आता है और तब वह एग्जाम निरस्त करती है.
चलिए यह तो फिर भी एक बोर्ड एग्जाम की बात है. आपके PMO की ही बात कर लेते हैं. वीडियोकॉन ग्रुप और आईसीआईसीआई बैंक में सतर्क निवेशक शेयरधारक अरविंद गुप्ता 15 मार्च 2016 को आपके प्रधानमंत्री कार्यालय को एक पत्र लिखते है.
इस पत्र में इस पत्र में में साफ़ कहा जाता हैं कि वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत और आईसीआईसीआई बैंक के एमडी और सीईओ चंदा कोचर के परिवार के स्वामित्व वाली न्यूपॉवर रिन्यूएबल ग्रुप के बीच अवैध बैंकिंग और व्यावसायिक संबंध है.इस पत्र के एक एनेक्सर में गुप्ता जी स्पष्ट करते हैं कि आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ और वीडियोकॉन के धूत के बीच सांठगांठ से संबंधित घटनाए सिलसिलेवार ढंग से किस प्रकार से घटी हैं.
वह यह भी बता देते हैं कि तथ्य यह है कि वीडियोकॉन ग्रुप ने भारतीय जनता पार्टी को चंदा दिया है, जो इस जांच के बीच में नहीं आना चाहिए. इस पत्र की एक एक प्रति वित्तमंत्री, केंद्रीय जांच ब्यूरो, भारतीय रिज़र्व बैंक और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों को भेज दी जाती है.
लेकिन आपकी सरकार के कानों पर जू भी नही रेंगती मोदीजी !
गुप्ता जी 18 फरवरी 2017 को फिर आपको एक फॉलोअप पत्र लिखकर बताते हैं कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप का 37,717 करोड़ रुपये के एनपीए कर दिया है , और अभी तक पिछले पत्र के बारे में पीएमओ और किसी सरकारी एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है .
लेकिन कोई जवाब नही आता, 2016 में लगभग ऐसा ही पत्र आपको नीरव मोदी के पार्टनर मेहुल चोकसी के बारे में मिलता हैं लेकिन उन पर भी कोई कार्यवाही नही होती है .बहुत अच्छी चौकीदारी करते है आप, आपको बधाई, ओर 2019 में वापस यही चौकिदार चुनने का सपना देखने वाली जनता को भी बहुत बहुत बधाई.
गिरीश मालवीय की कलम से

Tags:    
Share it
Top