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फांसी का खौफ या किये पर पछताव! मां से मिलकर फूट-फूटकर रोया निर्भया का दोषी तो याद दिलाई ये बात

निर्भया केस में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट से डेथ वारंट जारी करते हुआ कहा कि चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दी जानी है

 Sujeet Kumar Gupta |  12 Jan 2020 9:20 AM GMT  |  नई दिल्ली

फांसी का खौफ या किये पर पछताव! मां से मिलकर फूट-फूटकर रोया निर्भया का दोषी तो याद दिलाई ये बात

नई दिल्ली। डेथ वारंट जारी होने के बाद से ही निर्भया के दोषियों को अपनी मौत सामने नजर आ रही है। जैसे-जैसे फांसी की तारीख नजदीक आ रही है चारों दोषियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। फिलहाल उन्हें जेल संख्या दो के कस्तूरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां वे बाकी कैदियों से बिल्कुल अलग-थलग, एकांत में हैं।निर्भया के चारों दोषियों ने फिलहाल जेल में किसी से भी बातचीत करना बंद कर दिया है. पिछले हफ्ते जेल कर्मी से किसी बात पर बहस के दौरान हाथापाई की नौबत भी आ गई थी।

फांसी से पहले दोषियों के परिवारवाले इनसे मिलने के लिए तिहाड़ जेल पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को जेल प्रशासन ने दोषी मुकेश सिंह को परिवारवालों को मिलने की इजाजत दी. अंग्रेजी अखबार के द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, मां से मिलते ही वह भावूक हो गया और फूट-फूटकर रोने लगा।

कहा जा रहा है कि मुलाकात के दौरान वो कई बार रोया, लेकिन इस दौरान परिवारवालों ने उसे ये समझाया कि सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन डाला गया है और ऐसे में जल्द सब ठीक हो जाएगा. साथ ही उन्होंने दया याचिका के बारे में भी बताया. जेल अधिकारियों के मुताबिक ये फिलहाल आखिरी मुलाकात जैसा नहीं था। नियमों के मुताबिक उन्हें हफ्ते में दो बार परिवार से मिलने की इजाजत दी गई है। दोनों की मुलाकात करीब आधे घंटे तक जेल संख्या दो के अधीक्षक कार्यालय परिसर में हुई।

इससे पहले शनिवार को ही डमी फांसी के लिए चारों दोषियों के गले का नाप, लंबाई और वजन भी लिया गया था। पूरी प्रक्रिया के दौरान चारों गुनहगार फूट-फूट कर रोते रहे। उन्हें अपने सामने मौत नजर आ रही थी। मौके पर मौजूद जेल कर्मियों ने उन्हें किसी तरह शांत कराया।

बता दें कि निर्भया केस में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट से डेथ वारंट जारी करते हुआ कहा कि चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दी जानी है। लेकिन दो दोषियों की ओर से क्यूरेटिव याचिका दायर की गई है। जिसकी सुप्रीम कोर्ट में 14 जनवरी को सुनवाई होगी. याचिका में फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की गई है. विनय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सहित सभी अदालतों ने मीडिया और नेताओं के दबाव में आकर उन्हें दोषी ठहराया है. गरीब होने के कारण उसे मौत की सजा सुनाई गई है।


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