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दिल्ली महिला आयोग ने विजय गोयल और एमएल खट्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को किया नोटिस जारी

DCW चीफ स्वाति मालीवाल ने कहा है, “ऐसे समय में जब पूरा देश हमारे प्रधानमंत्री मोदी के पीछे अनुच्छेद 370 के खिलाफ कदम उठाने के लिए और शेष भारत के साथ जम्मू-कश्मीर को एकीकृत करने के लिए खड़ा है

 Special Coverage News |  10 Aug 2019 11:12 AM GMT  |  दिल्ली

दिल्ली महिला आयोग ने विजय गोयल और एमएल खट्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को किया नोटिस जारी

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग ने विजय गोयल, सांसद राज्यसभा और हरियाणा के मुख्यमंत्री एमएल खट्टर द्वारा किये गए महिला विरोधी कामों और बयानों का स्वतः संज्ञान लिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर तुरंत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है।

नोटिस में, आयोग ने कहा है कि इन नेताओं के कृत्यों और बयानों ने न केवल कश्मीरी बेटियों और बहनों की गरिमा को धूमिल करा है, बल्कि देश की सभी महिलाओं और लड़कियों के सम्मान को ठेस पंहुचाई है। इसके अलावा, उनके कार्यों से कश्मीर के पहले से ही संवेदनशील इलाके में हिंसा भड़क सकती है। उच्च संवैधानिक कार्यालयों में बैठे लोगों के इस तरह के बयान एक पितृसत्तात्मक समाज की धारणा को मजबूत करते हैं और महिलाओं और लड़कियों की महत्ता और आवाज को कमजोर करते हैं।

विजय गोयल ने अपने दिल्ली स्थित निवास के अंदर कश्मीरी लड़कियों के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगा दिए हैं। दूसरी ओर खट्टर ने घोषणा की कि अब हरियाणा के पुरुष कश्मीरी लड़कियों को शादी करके लाएंगे। उसी के आधार पर आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उन नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।

इसके अलावा, एम एल खट्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में, आयोग ने दिल्ली पुलिस का ध्यान रसिकलाल दलपतराम ठक्कर बनाम गुजरात राज्य के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रावधानों की ओर दिलाया है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं है कि महज एक सही और पूरी जांच कराने से केवल इसलिये परहेज करे कि अपराध उसके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से परे हुआ है।

चूंकि आरोपी व्यक्तियों के बयानों का दिल्ली सहित पूरे देश में महिलाओं और लड़कियों पर सीधा और गलत प्रभाव पड़ता है, इसलिए आयोग ने इस तरह के कृत्यों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आयोग ने कहा है कि ऐसे समय में जब कई राज्य हाई अलर्ट पर हैं, इस तरह की असंवेदनशील और गलत टिप्पणी जो पूरे राज्य की भावनाओं को आहत करती है, हिंसा को भड़काने की क्षमता रखती है और इसकी तुरंत जांच किये जाने की जरूरत है। आयोग ने 14.09.2019 तक मामलों में FIR दर्ज करा उनकी प्रतियां मांगी हैं।



DCW चीफ स्वाति मालीवाल ने कहा है, "ऐसे समय में जब पूरा देश हमारे प्रधानमंत्री मोदी के पीछे अनुच्छेद 370 के खिलाफ कदम उठाने के लिए और शेष भारत के साथ जम्मू-कश्मीर को एकीकृत करने के लिए खड़ा है, उनकी अपनी ही सरकार के कुछ लोग उनके प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अपने अशोभनीय घटिया सोच से वो खुद एवं औरों को भी महिलाओं को संपत्ति मानने के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसे तत्काल रोकने की जरूरत है। न केवल उन्होंने कश्मीरियों, बल्कि पूरे देश को चोट पहुंचाई है। पुलिस द्वारा उनके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की आवश्यकता है। हम कोशिश करेंगे कि मामले में सख्त कार्रवाई हो। "

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