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शाहीन बाग की दादियां की एक आवाज चाहे गोली मार दो लेकिन ...

शाहीन बाग पहुंचे वार्ताकारों ने सबसे पहले धरना प्रदर्शन कर रहीं दादियों से बातचीत की. सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने कहा कि हम सबसे पहले शाहीन बाग की दादियों की बात सुनेंगे. इसके बाद बाकी महिलाओं से बात की जाएगी.

 Sujeet Kumar Gupta |  20 Feb 2020 4:53 AM GMT  |  नई दिल्ली

शाहीन बाग की दादियां की एक आवाज चाहे गोली मार दो लेकिन ...

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त मध्यस्थ संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन टीम के अन्य लोगों के साथ बुधवार को ​दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे प्रदर्शनकारियों और मध्यस्थों के बीच हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं निकली. मध्यस्थों ने कहा है कि वे रविवार तक बातचीत जारी रखेंगे. साधना रामचंद्रन ने कहा, "हम गुरुवार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए फिर आएंगे."

इससे पहले संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. संजय हेगड़े ने कहा कि, 'हम आपकी बात सुनने आए हैं. मध्यस्थ मीडिया के सामने बातचीत नहीं करेंगे. मध्यस्थों ने मीडिया को धरना स्थल से हटा दिया है. वार्ता के बाद मीडिया को जानकारी दे दी जाएगी. वहीं प्रदर्शनकारी, मीडिया के सामने बातचीत करना चाहते हैं.दोनों अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश लोगों को सुनाया और कहा कि वे बातचीत कर मसले का हल निकालने आए हैं। संजय और साधना ने मीडिया की मौजूदगी में बातचीत करने से इनकार कर दिया। मीडिया को अलग कर महिलाओं से बातचीत की गई।

वार्ताकारों ने सबसे पहले दादियों को सुना

शाहीन बाग पहुंचे वार्ताकारों ने सबसे पहले धरना प्रदर्शन कर रहीं दादियों से बातचीत की. सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने कहा कि हम सबसे पहले शाहीन बाग की दादियों की बात सुनेंगे. इसके बाद बाकी महिलाओं से बात की जाएगी. संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हम यहां पर आप सभी की बात सुनने आए हैं. हम सबकी बात आराम से सुनेंगे।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों के सामने अपनी बात रखी. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चाहे हम पर गोली चलाई जाए, लेकिन जब तक नागरिकता संशोधन अधिनियम वापस नहीं ले लिया जाता है, तब तक हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हमको देशद्रोही कहा जा रहा है और कुछ लोग हमको गोली मारना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हम देशद्रोही नहीं हैं, बल्कि देशभक्त हैं. हमने अंग्रेजों से लोहा लिया है.


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को दोपहर करीब 2:45 बजे संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन शाहीन बाग पहुंचे। मंच पर आने से पहले संजय ने कहा कि मीडिया को यहां से हटाया जाए। कुछ देर जद्दोजहद के बाद मीडिया को हटाकर वार्ता हुई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों अधिवक्ता मंच पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि रोड ब्लॉक करना, ट्रैफिक रोकना सही नहीं है।इस मसले का हल ऐसा निकाला जाए, जो दूसरे लोगों के लिए नजीर बन जाए। महिलाओं ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों की देशभक्ति को लेकर सवाल उठाने पर नाराजगी जताई। शाम करीब 5 बजे लौटते समय संजय हेगड़े ने कहा कि वे सबकी बातें सुनकर बहुत प्रभावित हुए हैं। हम लोग बातचीत से इस मसले का हल जरूर निकाल लेंगे।

दिल्ली के शाहीन बाग में दो महीने से ज्यादा वक्त से लगातार प्रदर्शन जारी है. धरना दे रहे लोग CAA और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल 12 दिसंबर को संसद से CAA पास कराया था. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार सीएए और एनआरसी को खत्म करने का फैसला नहीं करती है, तब तक वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे.

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