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48 घंटे में नहीं दिया दिल्ली सरकार ने शहीद रतन लाल को एक करोड़ रुपया, तो डालूँगा जनहित याचिका

दिल्ली सरकार मुआवजा देने में धार्मिक भेदभाव बंद करे और एक समान मुआवजा नीति लागू करे

 Shiv Kumar Mishra |  26 Feb 2020 5:07 AM GMT  |  दिल्ली

48 घंटे में नहीं दिया दिल्ली सरकार ने शहीद रतन लाल को एक करोड़ रुपया, तो डालूँगा जनहित याचिका

दिल्ली सरकार मुआवजा देने में धार्मिक भेदभाव बंद करे और एक समान मुआवजा नीति लागू करे. यह बात बीजेपी नेता और सुप्रीमकोर्ट के बड़े न वकील अश्वनी उपाध्याय ने कही है. दिल्ली सरकार ने अब तक सभी पुलिस कर्मियों को एक एक करोड़ मुआवजा देने की बात कही थी तो इस मामले में अब तक खामोश क्यों है?

अश्वनी उपाध्याय ने कहा है कि दिल्ली सरकार मुआवजा देने में धार्मिक भेदभाव बंद करे और एक समान मुआवजा नीति लागू करे. सरकार से आग्रह है कि स्वर्गीय रतन लाल को तत्काल एक करोड़ ₹ मुआवजा दे. सरकार ने यदि 48 घंटे में मुआवजा नहीं दिया गया तो जनहित याचिका दाखिल करूंगा.

बता दें कि रतन लाल को शहीद के दर्जा दिए जाने को लेकर उनके जन्म स्थली सीकर राजस्थान में धरना चालू हो गया है.

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