Home > धर्म समाचार > इस धनतेरस पर बन रहे हैं ये शुभ योग, जानें - किस समय क्या खरीदना रहेगा फायदेमंद

इस धनतेरस पर बन रहे हैं ये शुभ योग, जानें - किस समय क्या खरीदना रहेगा फायदेमंद

इस वर्ष धन त्रयोदशी का पर्व आकाश मण्डल के 13वें नक्षत्र हस्त के साए तले मनाया जाएगा।

 Special Coverage News |  2018-11-04 08:16:04.0  |  दिल्ली

इस धनतेरस पर बन रहे हैं ये शुभ योग, जानें - किस समय क्या खरीदना रहेगा फायदेमंद

इस वर्ष धन त्रयोदशी का पर्व आकाश मण्डल के 13वें नक्षत्र हस्त के साए तले मनाया जाएगा। हस्त नक्षत्र के स्वामी मन और धन के स्वामी चंद्रमा है। लिहाजा इस वर्ष का धनतेरस का पर्व सुख, समृद्धि और आनंद लेकर आ रहा है।

धनतेरस के अवसर पर रात 10 बजकर 11 मिनट तक विश्वकुंभ योग रहेगा। उसके बाद प्रीति योग आरंभ होगा। विश्वकुंभ योग में धनतेरस पूजन आर्थिक स्थिति के लिए आशातीत परिणाम देने वाला रहेगा। जबकि प्रीति योग में पूजन सफलता, प्रेम और विकास के साथ आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करेगा।

धनतेरस इस लग्न में करें पूजा

धन त्रयोदशी का आरंभ 4 नवंबर की मध्यरात्रि के बाद 1 बजकर 24 मिनट पर होगा, जो 5 तारीख की रात 11 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। सोमवार को धनतेरस होने से राहुकाल सुबह 7.30 से 9.00 बजे तक रहेगा। धनतेरस पर वृषभ लग्न में कुबेर और लक्ष्मी का पूजन श्रेष्ठ होगा। भगवान धन्वंतरि को हिंदू धर्म में देव वैद्य का पद हासिल है। लिहाजा, उत्तम स्वास्थ्य के लिए धन्वंतरि पूजन अमृत चौघड़िया, लाभ चौघड़िया, धनु लग्न या कुंभ लग्न में करना चाहिए।

अकाल मृत्यु से बचने के लिए इस तरह करें धनतेरस पूजन

सूर्यास्त के पश्चात अकाल मृत्यु से बचने के लिए घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर 4 बातियों का दीपदान यानि दीप का प्रज्जवलन करना चाहिए। रात में इस दिन आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि तथा समृद्धि के लिए कुबेर के साथ लक्ष्मी गणेश का पूजन करके भगवती लक्ष्मी को नैवेद्य में धनिया, गुड़ व धान का लावा अवश्य अर्पित करना चाहिए।

रात्रि में ध्यान में प्रविष्ट होकर भजन के द्वारा यानि बाह्य कर्ण बंदकर आत्मा के कानों से ब्रह्माण्डीय ध्वनियों के श्रवण का अभ्यास आंतरिक व मानसिक बल प्रदान करेगा।कर्ज उतारने के लिए दीपावली और धनतेरस के दिन करें यह उपायधनतेरस पर चांदी की खरीदारी का लाभलक्ष्मी सदैव हिसाब किताब यानी बही खाते में निवास करती हैं।

धन त्रयोदशी पर बही खाता यानी पुस्तक खरीदने और उसके पूजन का विशेष महत्व है। बही खाता, चोपड़ा यानी खाता लिखने वाली पुस्तक का क्रय शुभ-चौघड़िया में ही करना चाहिए। धनतेरस पर रजत यानि चांदी खरीदना सौभाग्य कारक माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन खरीदे हुए रजत में नौ गुने की वृद्धि हो जाती है। चांदी के अभाव में ताम्र या अन्य धातुओं का क्रय किया जा सकता है।धनतेरस से भाई दूज तक हर रात करें यह उपाय, नहीं होगी धन की कमीधनतेरस पर इस लग्न में खरीदें सोना-चांदीसोना-चांदी और अन्य धातु वृष लग्न में खरीदना चाहिए जो शाम 7 बजकर 14 मिनट से रात 9 बजकर 14 मिनट तक है।

कार या बाइक शुभ चौघड़िया, कुंभ लग्न, चर-चौघड़िया या वृषभ-लग्न में क्रय किया जा सकता है।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान - शुभ-चौघड़िया, उद्वेग-चौघड़िया और कुंभ लग्न में घर लाना शुभ है।

धनतेरस पर शेयर की खरीदारी - म्यूचुअल फंड और शेयर शुभ चौघड़िया, लाभ चौघड़िया और कुंभ लग्न में खरीदना चाहिए। इस दिन हथियार, विस्फोटक सामग्री या अनावश्यक वस्तुएं कदापि नहीं खरीदनी चाहिए।

धनतेरस पर चौघड़िया के अनुसार शुभ समय -

शुभ चौघड़िया- सुबह 09.23 से 10.47 तक।

धनु लग्न- सुबह 10.34 से 12.40 तक।

लाभ चौघड़िया- दोपहर 02.58 से 04.22 तक।

उद्वेग चौघड़िया- दोपहर 12.10 से 01.34 तक।

कुंभ लग्न- दोपहर 02.27 से 04.01 तक।

चर चौघड़िया- दोपहर 01.34 से 02.58 तक।

अमृत चौघड़िया- शाम 04.22 से 05.45 तक।

वृषभ लग्न- शाम 07.14 से 09.14 तक

सदगुरु स्वामी आनन्दजी

Tags:    
Share it
Top