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LIVE : पंचतत्व में विलीन हुए मनोहर पर्रिकर, बेटे ने दी मुखाग्नि

भारत सरकार ने आज देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है, इस दौरान सरकारी दफ्तरों में तिरंगा आधा झुका रहेगा.

 Special Coverage News |  18 March 2019 11:15 AM GMT  |  दिल्ली

LIVE : पंचतत्व में विलीन हुए मनोहर पर्रिकर, बेटे ने दी मुखाग्नि
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गोवा के मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार देर रात 63 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. आज मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार किया जाएगा. भारत सरकार ने आज देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है, इस दौरान सरकारी दफ्तरों में तिरंगा आधा झुका रहेगा.

मनोहर पर्रिकर को उनके बेटे ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ मुखाग्नि दी।

मुखाग्नि के बाद पूरा ग्राउंड भारत माता की जय और मनोहर पर्रिकर अमर रहे के नारों से गूंज उठा।

माहौल गमगीन था तो केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी भी अपने आंसू न रोक पाईं। पूर्व रक्षामंत्री और अपने दोस्त को अंतिम विदाई देते वक्त स्मृति इरानी भावुक हो गईं।



रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मनोहर पर्रिकर को श्रद्धांजलि दी



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोहर पर्रिकर को अंतिम श्रद्धांजलि दी और उनके दोनों बेटों से बात की.



मनोहर पर्रिकर की अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा कई केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.



वह लंबे समय से बीमार थे और उनकी हालत बेहद नाजुक थी. मनोहर पर्रिकर एडवांस्ड पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे. पिछले साल फरवरी में बीमारी का पता चलने के बाद उन्होंने गोवा, मुंबई, दिल्ली और न्यूयॉर्क के अस्पतालों में इलाज कराया, आखिरकार 17 मार्च को कैंसर के आगे वह जिंदगी की जंग हार गए.

गंभीर बीमारी के चलते पर्रिकर की सेहत में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा लेकिन उन्होंने पूरी लगन के साथ अपने आखिरी दम तक जनता की सेवा की. पार्टी में मनोहर पर्रिकर के काम के प्रति जोश और जज्बे की हमेशा तारीफ होती रही. पर्रिकर ने युवाओं में जोश पैदा करने की मिसाल कायम की.

मनोहर पर्रिकर शालीन, सरल, स्वभाव के नेता रहे. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर नाम में ड्रिप लगाए हुए ही ऑफिस जाते थे और नेताओं के साथ बैठक करते थे. बता दें कि मनोहर पर्रिकर की पत्नी भी कैंसर से जंग लड़ते हुए ही जिंगदी की जंग हार गई थीं.

मनोहर पर्रिकर की बहादुरी, जोश और जज्बे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी में बीमारी की हालत में उन्होंने राज्य का बजट पेश किया था. इस दौरान उनकी नाक में ट्यूब डली हुई थी. बजट पेश करने के दौरान उन्होंने कहा था कि आज एक बार फिर से वादा करता हूं कि मैं अपनी अंतिम सांस तक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ गोवा की सेवा करूंगा. उन्होंने जिस जोश से जनता से सेवा करने का वादा किया था उसे आखिरी दम तक निभाया.

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