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गोवा में आधी रात नया राजनैतिक ड्रामा

 Special Coverage News |  27 March 2019 3:16 AM GMT  |  दिल्ली

गोवा में आधी रात नया राजनैतिक ड्रामा

लोकसभा चुनाव से पहले गोवा में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) का मंगलवार देर रात 1:45 भाजपा में विलय हो गया. गोवा विधानसभा में एमजीपी के 3 विधायक हैं. इनमें से 2 विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर भाजपा में शामिल हो गए. गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे गर्वनर के सामने इन दोनों को शपथ दिलाई जाएगी. मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर ने रात 1:45 बजे विधानसभा अध्यक्ष माइकल लोबो को विलय पत्र सौंपा. लेकिन इस पत्र में एमजीपी के तीसरे विधायक सुदिन धवालिकर के हस्ताक्षर नहीं है. हालांकि धवालिकर भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में डिप्टी-सीएम हैं.

सीएम प्रमोद सावंत ने गोवा विधानसभा के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विधानसभा में एमजीपी 3 विधायक हैं, लेकिन अब दो-तिहाई विधायक भाजपा के साथ आ गए हैं. अब 36 सदस्यों वाली गोवा विधानसभा में अब भाजपा के 14 सदस्य हो गए हैं. बता दें कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत कम से कम दो तिहाई विधायक अगर एक साथ पार्टी छोड़ते हैं, तभी उन्हें एक अलग दल के रूप में मान्यता दी जा सकती है और इनकी विधानसभा सदस्यता भी बनी रहती है.



पावस्कर का दावा- मिलेगा सरकार में मंत्री पद

भाजपा में शामिल हुए विधायक पावस्कर का दावा है कि अब उन्हें गोवा सरकार में मंत्री का पद मिलेगा. वहीं, ऐसे कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बुधवार को धवालिकर को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. बता दें कि मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद भाजपा को गोवा में अपनी सरकार बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थीं. एमजीपी नेता धवालिकर भी सीएम बनना चाहते थे.

अजगांवकर बोले- पीएम जहां जाते हैं, वहां उन्हीं का नाम चलता है

गोवा के टूरिज्म मिनिस्टर और एमजीपी विधायक मनोहर अजगांवकर ने कहा कि अगली सरकार भाजपा ही बनाएगी. क्योंकि पीएम मोदी जहां भी जाते हैं, लोग उन्हीं का नाम लेते हैं. एक दलित नेता के रूप में मैं एमजीपी में असुरक्षित महसूस कर रहा था.

कांग्रेस नेता कावथंकर ने कहा कि भाजपा में शामिल होना अपना अस्तित्व खत्म करना है

कांग्रेस नेता सुनील कावथंकर ने कहा कि भाजपा में शामिल होना किसी भी दल के लिए अपना अस्तित्व खत्म करना है. यह एक बड़ा राजनीतिक खतरा है. इससे भविष्य में छोटे दलों का कोई वजूद ही नहीं रहेगा.

20 मार्च को प्रमोद सावंत ने साबित किया था बहुमत

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 20 मार्च को गोवा विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया है. भाजपा सरकार के पक्ष में कुल 20 वोट पड़े, यानी अभी के लिए बीजेपी सरकार से संकट हट गया है. बहुमत के लिए 19 विधायकों की जरूरत थी लेकिन भाजपा के पास एक ज्यादा था. मौजूदा आंकड़ों को देखें तो भाजपा के पास अभी 12 विधायक, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के 3 विधायक, एमजीपी के 3 और तीन निर्दलीय विधायक हैं यानी भाजपा के पास कुल 21 विधायक हैं. जो कि बहुमत से 2 ज्यादा हैं. जबकि कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और एक एनसीपी का विधायक है.

पर्रिकर के बाद उठने लगे थे सवाल

मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में बीजेपी के साथियों ने नेतृत्व को लेकर सवाल उठाया, क्योंकि कई दल ऐसे थे जो पर्रिकर के नाम पर ही सरकार के समर्थन में आए थे. लेकिन लगातार चली बैठकों के बाद प्रमोद सावंत के नाम पर मुहर लगी और सहयोगी भी माने. गोवा में कुल 40 विधानसभाएं हैं, लेकिन अभी राज्य की 4 सीटें खाली हैं. जिनपर उपचुनाव होंगे. इसलिए अब गोवा में 36 विधानसभा सीटों के हिसाब से ही बहुमत तय हुआ, इसलिए बहुमत साबित करने के लिए सिर्फ 19 नंबर की जरूरत थी.

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