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कांग्रेस को हार्दिक पटेल का अल्टीमेटम, कहा- अगली बैठक तक तैयार करें रोडमैप, नहीं तो...

गुजरात चुनाव में जातिगत समीकरणों के सहारे चुनाव के मैदान में उतर चुकी कांग्रेस के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। हार्दिक पटेल के अल्टीमेटम के बाद...

 Vikas Kumar |  31 Oct 2017 6:15 AM GMT  |  गुजरात

कांग्रेस को हार्दिक पटेल का अल्टीमेटम, कहा- अगली बैठक तक तैयार करें रोडमैप, नहीं तो...

गुजरात : गुजरात विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा के बाद सभी पार्टियों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं जातिगत समीकरणों के सहारे चुनाव के मैदान में उतर चुकी कांग्रेस के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। हार्दिक पटेल के अल्टीमेटम के बाद कांग्रेस में बैठकों का दौर जारी है।

अभी तक पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल बीजेपी के लिए सिरदर्द बने थे तो अब कांग्रेस के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस और पाटीदार अनामत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के बीच फिलहाल सहमति तो बन गई है, लेकिन इस आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग 'पाटीदार आरक्षण' को लेकर अभी कांग्रेस ने अपना रुख साफ नहीं किया है। जिसको लेकर कांग्रेस और हार्दिक दोनों के लिए मुश्कि‍ल का सबब बन सकता है।

पाटीदारों के आरक्षण की मांग कर रहे हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से पूछा है कि उसके पास इसके लिए क्या प्लान है। हार्दिक पटेल ने चेतावनी दी थी कि अगर कांग्रेस ने पाटीदार समाज के आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि उनके साथ होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस रोडमैप तैयार कर ले। अगर वह एेसा नहीं करती है, तो वह शुक्रवार (3 नवंबर) को सूरत में होने वाली कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम का विरोध करेंगे।

हार्दिक ने यह भी चेताया है कि अगर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया तो कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाते हुए कहा है कि उसके पास पाटीदारों को आरक्षण देने का रोडमैप बनाने के लिए ज्यादा समय नहीं है। पाटीदार 7 नवंबर तक आरक्षण पर कांग्रेस के प्लान का इंतजार करेंगे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी खुद इस मामले में बात करना चाहते हैं तो हम जाकर बात करेंगे।

हालांकि कांग्रेस नेताओं के साथ मीटिंग के बाद हार्दिक ने बताया कि पटेल समाज के पांच में से 4 मुद्दों पर कांग्रेस से सहमति बन गई है। जिसमें पाटीदार समाज के लोगों के खिलाफ दर्ज केस और राजद्रोह के केस वापस होंगे। सरकार बनने पर पाटीदार हिंसा पीड़ित परिवारों को 35 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही आरक्षण आंदोलन के दौरान गोलीबारी और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई। कांग्रेस ने सरकार बनने पर 600 करोड़ रुपये के आयोग को 2 हजार करोड़ तक ले जाने का वादा किया है। इस आयोग को संवैधानिक आधार पर लागू किया जाएगा, जिसे केंद्रीय दर्जा दिया जाएगा।

लेकिन पटेलों की मुख्य मांग आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने सोमवार की मीटिंग में कोई वादा नहीं किया है। जिसको लेकर हार्दिक और कांग्रेस के लिए कोई रास्ता निकालना सबसे मुश्किल काम है। कांग्रेस ने आरक्षण के मुद्दे पर वकीलों और जजों से कानूनी राय लेने के बाद जल्द की पार्टी का रुख स्पष्ट करने का आश्वासन दिया है।

दरअसल तमाम संवैधानिक और अन्य मजबूरियों की वजह से राज्य में पटेलों को आरक्षण देना इतना आसान नहीं है और सबकी नजर इस बात पर है कि आख‍िर कांग्रेस इस मुख्य मसले पर क्या रुख अपनाती है और कांग्रेस के रुख के बाद हार्दिक पटेल क्या कदम उठाते हैं?

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