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नम आंखों के साथ दुखी मन से 12 डॉक्टरों की टीम ने लगातार 14 घंटे तक किए पोस्टमाॅर्टम

 Special Coverage News |  26 May 2019 6:16 AM GMT  |  दिल्ली

नम आंखों के साथ दुखी मन से 12 डॉक्टरों की टीम ने लगातार 14 घंटे तक किए पोस्टमाॅर्टम

तक्षशिला हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के शवों का स्मीमेर अस्पताल में शुक्रवार रात 10 बजे से शवों का पोस्टमाॅर्टम शुरू हुआ और शनिवार दोपहर 12 बजे तक चलता रहा। 12 डॉक्टरों सहित 22 लोगों के स्टाफ ने लगातार 14 घंटे तक शवों का पोस्टमार्टम किया। स्मीमेर में पहली बार इतने लंबे समय तक पोस्टमार्टम चला।

पीएम करते समय डॉक्टर और नर्स की आंखें भी नम हुई जा रही थीं। डॉक्टरों ने कहा कि पहली बार इतने शव का एक साथ पीएम किया। डॉ. प्रणव प्रजापति ने बताया कि पूरी रात पोस्टमार्टम चलता रहा। सुबह किरण अस्पताल से 17 वर्षीय हेनी नाम की लड़की की भी मौत हो गई। उसका भी पीएम दोपहर 12 बजे किया गया। 14 घंटे तक एक के बाद एक 22 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया।

जल गई फिर भी कूदी लेकिन बच नहीं पाई

शनिवार को कडोदरा रोड के सरदार मार्केट के पास की ढाई साल की करडवी विनयभाई सीतापरा, वराछा की गौरव पार्क सोसाइटी की 17 वर्षीय हैप्पी दीपकभाई पंचाणी और सरथाणा जकातनाका के शिवांता पैलेस की रहने वाली 20 वर्षीय ध्रुवी संजयभाई राखडिया की मौत निजी अस्पताल में हो गई। स्मीमेर सहित शहर के अलग-अलग अस्पतालों में 20 लोग भर्ती हैं। छह की हालत नाजुक बनी हुई है।

पापा को क्या पता था करडवी नहीं लौटेगी

कडोदरा रोड की सरदार मार्केट निवासी 22 वर्षीय ग्रीष्मा गजेरा तक्षशिला स्थित ड्राइंग क्लासेस जाती थी। शुक्रवार को उसकी आखिरी क्लास थी। उसके कहने पर करडवी के पापा ने उसे एक घंटे को जाने दिया। उन्हें क्या पता था कि ग्रीष्मा के साथ करडवी भी कभी वापस नहीं आ पाएगी।

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