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सीएम रूपाणी की सभा में शहीद बेटी का हुआ अपमान, राहुल गांधी बोलें- अहंकार चरम पर है
आनंद शुक्ल
2 Dec 2017 11:36 AM IST

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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सभा में शुक्रवार को एक शहीद की बेटी ने मिलने की गुहार लगायी जिसे नजरअंदाज कर दिया गया। जानकारी के अनुसार जब रुपाणी एक रैली के दौरान भाषण दे रहे थे...
राजपीपला: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सभा में शुक्रवार को एक शहीद की बेटी ने मिलने की गुहार लगायी जिसे नजरअंदाज कर दिया गया। जानकारी के अनुसार जब रुपाणी एक रैली के दौरान भाषण दे रहे थे, तब शहीद अशोक तडवी की बेटी रूपल सरकार के ऐलान के बाद भी प्लॉट आवंटित नहीं किये जाने की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री की ओर बढ़ने लगी। रूपल को ऐसा करने से सुरक्षाकर्मियों ने रोका, इतना ही नहीं मुख्यमंत्री भी उससे मिले बिना चले गये।
बताया जा रहा है कि रूपल एक आदिवासी महिला जो 26 साल की है। वह कई सालों से इस बात को लेकर प्रदर्शन कर रही है कि उसके पिता अशोक तडवी के शहीद होने के बाद सरकार ने जो जमीन देने का कथित रुप से वादा किया था वह आज तक पूरा नहीं किया। उसने बताया कि उसके पिता बीएसएफ में थे और शहीद हुए थे। रुपाणी शुक्रवार एक रैली को संबोधित कर रहे थे। रुपल दर्शकों में बैठी थी और अचानक से चिल्लाते हुए मंच की ओर दौड पड़ी, मैं उनसे मिलना चाहती हूं...मैं उनसे मिलना चाहती हूं। इससे पहले कि वह मुख्यमंत्री के करीब जा पाती, महिला पुलिसकर्मी उसे वहां से ले गयी। रुपाणी ने मंच से कहा, मैं आपसे इस कार्यक्रम के बाद मिलूंगा। लेकिन कोई मुलाकात नहीं हुई।
भाजपा का घमंड अपने चरम पर है।
— Office of RG (@OfficeOfRG) December 1, 2017
'परम देशभक्त' रुपाणीजी ने शहीद की बेटी को सभा से बाहर फिंकवा कर मानवता को शर्मसार किया।
15 साल से परिवार को मदद नहीं मिली, खोखले वादे और दुत्कार मिली। इंसाफ़ माँग रही इस बेटी को आज अपमान भी मिला।
शर्म कीजिए,न्याय दीजिए। pic.twitter.com/w8k7TYQrDt
रुपल को पुलिस कर्मियों द्वारा ले जाने के दौरान बचने के लिए संघर्ष करने का वीडियो वायरल हो गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने घटना का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का अहंकार अपने चरम पर है। गांधी ने हिंदी में ट्वीट करके आरोप लगाया परम देशभक्त रूपाणी जी ने शहीद की बेटी को सभा से बाहर फेंकवा कर मानवता को शर्मसार किया। 15 साल से परिवार को मदद नहीं मिली, खोखले वादे मिले।
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