Top
Home > राज्य > हरियाणा > चंडीगढ़ > गोपाल कांडा का हो गया कांड, मंत्री बनने की तमन्ना रह गई अधूरी!

गोपाल कांडा का हो गया कांड, मंत्री बनने की तमन्ना रह गई अधूरी!

 Special Coverage News |  26 Oct 2019 7:34 AM GMT  |  दिल्ली

गोपाल कांडा का हो गया कांड, मंत्री बनने की तमन्ना रह गई अधूरी!
x

चंडीगढ़: हरियाणा में सरकार बनाने के लिए सिरसा से हरियाणा लोकहित पार्टी से विधायक चुनकर आए गोपाल कांडा का समर्थन बीजेपी ने ठुकरा दिया है। हरियाणा बीजेपी का कहना है कि गोपाल कांडा को सरकार में शामिल किए जाने का सवाल ही नहीं बनता है। बता दें कि जेजेपी के समर्थन के बाद बीजेपी ने हरियाणा में सरकार बनाने की तैयारी पूरी कर ली है।

चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में बीजेपी विधायकों की बैठक खत्म हो रही है और उन्हें मनोहर लाल खट्टर को विधायक दल का नेता चुना गया है। इसके बाद मनोहर लाल खट्टर राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। खट्टर दूसरी बार हरियाणा के सीएम बनने जा रहे हैं।

हरियाणा के मंत्री और बीजेपी नेता अनिल विज ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'गोपाल कांडा को सरकार में शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता, न ही हम उनका समर्थन स्वीकार कर रहे हैं।' इससे पहले हरियाणा बीजेपी के इनचार्ज अनिल जैन ने कहा था, 'हम कुछ ही देर में विधायक दल की बैठक करने वाले हैं जिसके बाद हम तय करेंगे कि किसका समर्थन लेना है।'

गोपाल कांडा ने बिना शर्त समर्थन दिया था

बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों से बने समीकरण के बाद गोपाल कांडा और 6 निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी सरकार को शुक्रवार सुबह समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन एयर होस्टेस को सूइसाइड के लिए उकसाने के आरोपित कांडा से समर्थन लेने पर विपक्ष ही नहीं, खुद बीजेपी के अंदर से सवाल उठे। सोशल मीडिया में भी विरोध के तीखे सुर दिखे तो बीजेपी आलाकमान ने बिना कांडा के ही सरकार बनाने का खाका खींचा।

"गोपाल कांडा को सरकार में शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता, न ही हम उनका समर्थन स्वीकार कर रहे हैं।"
-अनिल विज, बीजेपी नेता और हरियाणा के मंत्री

उमा भारती ने भी जताया था विरोध

बीजेपी नेता उमा भारती ने भी इस पर पार्टी को सतर्क किया था। उन्होंने कई ट्वीट करते हुए कहा था कि कांड से समर्थन लेना बीजेपी के नैतिक मूल्यों के खिलाफ रहेगा। उन्होंने कांडा के लिए सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा था कि वह सिर्फ चुनाव जीतने भर से बेगुनाह नहीं हो जाते। बता दें कि टोहाना से चुनाव हारने वाले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कांडा का समर्थन किया था जबकि खट्टर इस पर चुप्पी साधे रहे।

कौन हैं गोपाल कांडा?

गोपाल कांडा गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में आरोपी हैं और इस केस में तिहाड़ में भी बंद रह चुके हैं। 2009 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज कर गोपाल कांडा हुड्डा सरकार में मंत्री बने थे। 2012 में उनकी एयरलाइन कंपनी एमडीएलआर में काम करने वाली महिला कर्मचारी गीतिका शर्मा न आत्महत्या कर ली थी। गीतिका ने अपने सूइसाइड नोट में गोपाल कांडा का नाम लिखा था।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर, Telegram पर फॉलो करे...
Next Story
Share it