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नाबालिग मां ने रेप के बाद पैदा हुई बच्ची को अपनाने से किया इंकार!

जब मां अपनी 16 साल की नाबालिग बेटी को लेकर हॉस्पिटल पहुंची, तो पता चला वह प्रेगनेंट है।

 Special Coverage News |  9 Aug 2018 6:58 AM GMT  |  दिल्ली

नाबालिग मां ने रेप के बाद पैदा हुई बच्ची को अपनाने से किया इंकार!
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गुड़गांव : पेट व कमर में दर्द की शिकायत लेकर जब मां अपनी 16 साल की नाबालिग बेटी को लेकर हॉस्पिटल पहुंची, तो पता चला वह प्रेगनेंट है। यह बात सुनकर सभी के पैरों तले की जमीन खिसक गई। डॉक्टर ने तुरंत उसे ऐडिमट कर लिया। 2 दिन बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसके साथ पिछले साल रेप हुआ था। अब पीड़िता 3 दिन की इस नन्ही से बच्ची को रखने से इनकार कर रही है। मामले का पता चलने पर सीडब्ल्यूसी व पुलिस को जानकारी दी गई। वही, बुधवार देर शाम पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर आरोपित को अरेस्ट कर लिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत देने वाली 16 साल की लड़की राजीव नगर कॉलोनी में रहती है। उसके पिता एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। करीब 4 साल से वह यहीं पर रहते हैं। कुछ समय पहले तक एक युवक उनके ही मकान में किराए पर रहता था। लड़की के अनुसार, युवक ने नवंबर 2017 में उसके साथ जबरन घर में घुसकर रेप किया। इसके बाद किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपित ने इसके बाद भी 2-3 बार धमकी देकर रेप किया, लेकिन करीब 4 महीने पहले वह यहां से मकान खाली कर किसी अन्य जगह रहने लगा।

युवती कुछ दिन से कमर व पेट में दर्द की शिकायत बता रही थी। एक दिन उसकी मां उसे लेकर फोर्टिस अस्पताल चेकअप कराने पहुंची। यहां डॉक्टर ने बताया कि वह तो गर्भवती है। यह सुन माता-पिता के होश उड़ गए। डॉक्टर ने उसे वहां ऐडमिट कर लिया। ठीक दो दिन बाद 5 अगस्त को लड़की ने बच्ची को जन्म दिया। दोनों फिलहाल हॉस्पिटल में ही हैं। जब मां ने बच्ची को अपनाने से इंकार कर दिया तो फोर्टिस हॉस्पिटल की ओर से सीडब्ल्यूसी को जानकारी दी गई। फिर मामला पुलिस तक पहुंचाया गया।

सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन शकुंतला ढुल ने बताया कि फिलहाल पुलिस की कार्रवाई चल रही है। गुरुवार को उनकी टीम हॉस्पिटल जाकर पीड़िता से मिलेगी। काउंसलिंग + कर उसे बच्ची को रखने के लिए राजी किया जाएगा। अगर नहीं मानी तो कागजी कार्रवाई पूरी कर बच्चे के त्याग का फॉर्म भरवाकर बच्ची को फरीदाबाद स्थित शिशुगृह भेजा जाएगा। दो महीने बाद पीड़िता की फिर से काउंसलिंग कर पूछा जाएगा कि वह अब बच्ची को रखना चाहती है या नहीं। अगर तब भी इंकार किया तो बच्ची को गोद लेने की लिस्ट में शामिल किया जाएगा।

हॉस्पिटल की ओर से जानकारी दी गई है कि पीड़िता व उसके परिवार के साथ एक युवक भी आया था। इसी दौरान लड़की की जांच करने पर प्रेग्नेंसी का पता चला था। पीड़िता को ऐडमिट करने के बाद सोमवार शाम उसकी डिलिवरी हुई थी। इसी दौरान एक युवक भी परिवार के साथ था। बच्चा रखने को लेकर उसकी परिवार के लोगों से कुछ बातचीत हुई। विवाद बढ़ने पर पीड़िता व उसके परिवार ने बच्चा लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद हॉस्पिटल की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को अरेस्ट कर लिया

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