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ISIS के चंगुल से निकली यजीदी लड़की की दर्दनाक कहानी सुन रो पड़े UNSC के सदस्य

 Special News Coverage |  2015-12-18 13:24:01.0

isis victim girl


न्यूयार्क : खुंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के चंगुल से भागकर निकली एक यजीदी लड़की की दर्दनाक कहानी सामने आई है। इस यजीदी लड़की ने अपनी आप बीती सुनाते हुए बताया कि वो मुझे इंसान नहीं बल्कि जानवर समझते थे, उनके लिए मैं एक मनोरंजन की वस्तु थी।

आईएसआईएस के चंगुल से भागकर आई लड़की ने अपने ऊपर हुए जुल्मों की कहानी यूएन सिक्योरिटी के सदस्यों को बताई। 21 साल की नादिया मुराद बसी ताहा ने आईएसआईएस आंतकी संगठन को हवस के भूखे शैतानों का कुनबा करार देते हुए बताया ‘वो लोग यजीदी महिलाओं को भोग-विलास की एक वस्तु से ज्यादा और कुछ नहीं समझते। वो हर रात मेरी जैसी अनगिनत यजीदी महिलाओं को दुल्हन की तरह तैयार होने को कहते हैं और अपने दोस्तों के सामने पेश करते थे। इन चीजों ने मुझे मानसिक रूप से बीमार बना दिया था।


मैं बीमार थी। वहां ज्यादातर महिलाओं की हालत खराब थी। डर के मारे ज्यादातर महिलाएं ब्लीडिंग कर रही थीं। इसी बीच एक दिन उसने मुझे कहा कि आज तैयार बो जाओ। जिस दिन उसने मुझे यह कहा, वह रात मेरे ऊपर बहुत भारी गुजरी। उसने मेरे साथ कुकर्म किया और मेरे ऊपर दबाव डाला कि अब मैं उसकी मिलिट्री (इस्लामिक स्टेट) का हिस्सा बन जाऊं। वह रोज मेरा अपमान करता था और कपड़े पहनने से रोकता था। वह रोज मुझे टार्चर करता था।

एक बार मैंने भागने की कोशिश की तो उसके गार्ड ने मुझे पकड़ लिया। उस रात उसने मुझे बहुत मारा। मारने के बाद उसने कहा कि मैं अपने सारे कपड़े उतार दूं। उसने मुझे एक कमरे में गार्डों के साथ बंद कर दिया और वे लोग तब तक मेरे साथ "अपराध" करते रहे जब तक कि मैं बेहोश नहीं हो गयी। अपने ऊपर हुए आईएसआईएस के जुल्मों को बताते हुए फूट फूटकर रोने लगी। लड़की की यातनाभरी जिंदगी के बारे में सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आई। 21 वर्षीय नादिया मुराद बसी ताहा ने आईएस के चंगुल में तीन माह बिताए।

यजीदी वहां पर अल्पसख्ंयक हैं। इराक में इनकी संख्या पांच लाख है। कई हजार यजीदियों को आईएस ने पिछले वर्ष बंधक बना लिया था। हालांकि उनमें से कुछ नादिया की तरह की खुशनसीब निकले जो उनके चंगुल से भागने में कामयाब रहे। नादिया के पिता और भाइयों को आईएस के आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया था। अब वह जर्मनी में रह रही है। लेकिन वह चाहती है कि इस संगठन को पूरी तरह से खत्म करना जरूरी है।

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