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...और जब अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा की आंखों से छलके आंसू

 Special News Coverage |  6 Jan 2016 6:32 AM GMT

obama


वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के आंखों से उस समय आंसू छलक गए जब उन्होंने देश में बंदूकों पर सख्त नियंत्रण रखने के लिए अपनी योजना पेश की।

कनेक्टिक्ट के न्यूटॉऊन में दिसंबर 2012 के एक हिंसा में जान गंवाने वाले 20 स्कूली छात्रों को याद करते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा के आंखों से आंसू छलक गए।

ओबामा ने कहा, 'जब भी मैं उन बच्चों के बारे में सोचता हूं तो अपने आपे से बाहर हो जाता हूं। इसलिए सभी को ऐसी कानून की मांग करनी करनी चाहिए जो कि गन लॉबी के झूठ का पर्दाफाश करने की क्षमता रखती हो।'


राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि बंदूक रखने वालों की पृष्ठभूमि की जांच की जायेगी और उनके मानसिक स्वास्थ्य और अपराध के इतिहास को इससे जोड़ने का नियम बनाए जाएंगे।

बच्चों को याद करते समय भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि अब कोई भी कार्रवाई नहीं करने का बहाना नहीं बना पाएगा। इसके अलावा चोरी हुए बंदूकों की जानकारी देने के कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

अमेरिका के संविधान का दूसरा संविधान संशोधन वहां के नागरिकों को अपना बचाव करने के लिए हथियार रखने का अधिकार देता है। राष्ट्रपति ने अमेरिकी गन लॉबियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सरकार के कामकाज में व्यवधान पैदा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

अमेरिका को बंधक नहीं बना सकते :
उन्होंने कहा, 'बंदूकों के लिए लॉबी करने वालों ने भले कांग्रेस को बंधक बना लिया हैं, लेकिन अब वह अमेरिका को बंधक नहीं बना सकते।'

ओबामा ने बंदूक डीलरों के लिए जो नए दिशा निर्देश जारी किए हैं उसके अनुसार अब डीलरों को लाइसेंस लेना होगा और बंदूक खरीदने वाले की पृष्ठभूमि का पूरा ब्यौरा रखना होगा। डीलरों को अब इस कानून का पालन अपने शोरूम और खुले बाजार दोनों जगहों पर करना होगा।

अमेरिका में पिछले 10 सालों में हुई व्यापक गोलीबारी में 10,000 से अधिक लोगों की जानें गई हैं। अपने अटॉर्नी जनरल और एफबीआई निदेशक से इस संबंध में कुछ सिफारिशें प्राप्त करते हुए ओबामा ने कहा कि ये उपाय मेरे कानूनी प्राधिकार और कार्यकारी शाखा के दायरे में हैं। ओबामा ने कहा इसलिए अगले कुछ दिनों में हम ये पहल करने जा रहे हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को इस बारे में बेहतर समझ हो कि क्या चीज अंतर पैदा कर सकती है और हम क्या कर सकते हैं।

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