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मुस्लिम महिलाओं को चेतावनी, अंग्रेजी सीखें या देश छोड़ दें - डेविड कैमरन

 Special News Coverage |  19 Jan 2016 1:53 AM GMT

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लंदनः अच्छी अंग्रेजी होने पर ही विदेशी मुस्लिम महिलाएं ब्रिटेन में रह पाएंगी। नियमों में इस बदलाव को लेकर ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अखबार द टाइम्स में एक लेख लिखा है। इसके मुताबिक जीवनसाथी वीजा पर ब्रिटेन आने वाली समुदाय की महिलाओं को अंग्रेजी की परीक्षा देनी होगी। ढाई साल से रह रहीं ऐसी महिलाओं के लिए परीक्षा की प्रक्रिया इस साल अक्टूबर से शुरू होगी। जीवनसाथी वीजा पांच साल के लिए जारी होता है।



कैमरन ने लिखा है कि ब्रिटेन में ऐसी एक लाख 90 हजार मुस्लिम महिलांए रहती हैं जिनकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है या वे इस भाषा से अंजान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अंग्रेजी की सामान्य समझ के साथ इस देश में आते हैं। पर बाद के सालों में भाषाई दक्षता बढ़ाने पर ध्यान नहीं देते। हम इस स्थिति को बदलने जा रहे हैं। यदि आपकी अंग्रेजी अच्छी नहीं हुई तो आप ब्रिटेन में नहीं रह पाएंगे। समुदाय की महिलाओं की भाषाई दक्षता बढ़ाने के लिए सरकार ने दो करोड़ 80 लाख डॉलर के निवेश का फैसला भी किया है।

ब्रिटेन में बस चुकी उन महिलाओं को भी यह परीक्षा देनी होगी जिनकी संतानें हो चुकी हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक बाहर से जाकर ब्रिटेन में बसे लोगों की संतानों को ब्रिटेन की नागरिकता मिल जाती है। उसे वहां रहने की इजाजत होती है, लेकिन अपने पिता के साथ। माताओं पर यह नियम लागू नहीं होता।


कैमरन ने कहा है कि इस फैसले का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि अंग्रेजी अच्छी नहीं होने पर मुस्लिम महिलाएं ब्रिटिश परिवेश में घुल नहीं पाती हैं। अकेलेपन में उनके कट्टरपंथ से प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। ब्रिटेन के मुस्लिम संगठनों ने सरकार के इस फैसले की तीखी आलोचना की है।

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