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पाकिस्तान सरकार दे सईद के खिलाफ सबूत नहीं तो खत्म होगी नजरबंदी : लाहौर हाईकोर्ट

लाहौर हाई कोर्ट ने मंगलवार को मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तान सरकार को जल्द सबूत सौंपने को कहा।

 Arun Mishra |  2017-10-11 13:05:57.0  |  New Delhi

पाकिस्तान सरकार दे सईद के खिलाफ सबूत नहीं तो खत्म होगी नजरबंदी : लाहौर हाईकोर्टFile Photo

लाहौर : लाहौर हाई कोर्ट ने मंगलवार को मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तान सरकार को जल्द सबूत सौंपने को कहा। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर पाकिस्तान सरकार मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ सबूत दाखिल नहीं करती है तो उसकी नजरबंदी रद्द कर दी जाएगी।

आपको बता दे कि जमात उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद 31 जनवरी से ही नजरबंद है और लाहौर हाई कोर्ट में उसको नजरबंद रखने के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। दायर याचिका पर आज सुनवाई थी पर सरकार की तरफ से गृह सचिव उसकी हिरासत से संबंधित मामले के पूरे रेकॉर्ड के साथ अदालत में पेश नहीं हुए।
सरकार की तरफ से कहा गया इस्लामाबाद में अपरिहार्य सरकारी जिम्मेदारी के चलते गृह सचिव पेश नहीं हो पाए। जिस पर जस्टिस सैयद मजहर अली अकबर नकवी ने कहा, 'सरकार का बर्ताव दिखाता है कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ सरकार के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। अदालत के सामने अगर कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया गया तो याचिकाकर्ताओं की हिरासत रद्द कर दी जाएगी।'
सरकार की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर तक टाल दी। सईद के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को गलत आरोपों और जल्दबाजी में हिरासत में लिया गया। सईद के वकील ने ये भी कहा कि सिर्फ कयासों के आधार पर किसी को हिरासत में नहीं रखा जा सकता जबकि उसके खिलाफ ठोस सबूत ना हों। बता दें कि पंजाब प्रांत की सरकार पहले ही हाईकोर्ट से यह कह चुकी है कि हाफिज सईद पब्लिक सेफ्टी के लिए खतरा है।
सईद के साथ ही उसके चार साथियों अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को 31 जनवरी को हिरासत में लिया गया था। करीब नौ महीने से ये सभी हाउस अरेस्ट में हैं।

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