Home > भारतीय मूल के डॉक्टर की चाकू मारकर अमेरिका में निर्मम हत्या

भारतीय मूल के डॉक्टर की चाकू मारकर अमेरिका में निर्मम हत्या

 शिव कुमार मिश्र |  2017-09-15 06:59:22.0  |  दिल्ली

भारतीय मूल के डॉक्टर की चाकू मारकर अमेरिका में निर्मम हत्या

अमेरिका में कैंजस के विचिटा में भारतीय मूल के एक मरीज ने 57 वर्षीय भारतीय अमेरिकी डॉक्टर की उसके क्लिनिक के पास कथित रूप से चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि मनोचिकित्सक अचुता रेड्डी का शव बुधवार को ईस्ट विचिटा के उनके क्लिनिक के पीछे मिला। उनके शरीर पर कई बार चाकू से वार किए जाने के निशान थे। वह तेलंगाना के रहने वाले थे। रेड्डी के एक मरीज 21 वर्षीय उमर राशिद दत्त को गिरफ्तार किया गया है और उस पर हत्या का आरोप लगाया गया है।

बता दें कि आरोपी दत्त भी भारतीय अमेरिकी है। विचिटा पुलिस विभाग में हत्या विभाग के सेक्शन कमांडर लेफ्टिनेंट टोड ओजिले ने बताया कि रेड्डी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। यह घटना बुधवार शाम को हुई और पुलिस को शाम करीब 7 बजकर 20 मिनट पर इसकी सूचना देने के लिए फोन कॉल आया। एक कंटरी क्लब के सुरक्षा गार्ड ने सूचना दी थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति पार्किंग स्थल में एक कार में बैठा है और उसके कपड़ों पर खून लगा है। इसके बाद उमर वहां पाया गया।
ओजिले ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संदिग्ध डॉ. रेड्डी का मरीज था और वह डॉ. रेड्डी के साथ उनके क्लिनिक में था, तभी क्लिनिक से कोई आवाज सुनाई दी। क्लिनिक की एक प्रबंधक अंदर गई और उसने देखा कि संदिग्ध डॉ. रेड्डी पर हमला कर रहा है। उसने संदिग्ध को रोकने की कोशिश की और इसी दौरान डॉक्टर मौका पाकर बचकर वहां से भाग गए। ओजिले ने बताया कि उमर ने डॉ. रेड्डी का पीछा किया और कई बार उन पर चाकू से वार किया। हत्या के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
विचिटा स्टेट यूनिवर्सिटी के मुताबिक उमर एक पूर्व छात्र था और उसने साल 2015 में दाखिला लिया था। विचिटा पुलिस विभाग ने एक बयान में कहा, यह त्रासदीपूर्ण नुकसान कई लोगों को महसूस होगा। आधुनिक समय में मानसिक स्वास्थ्य संसाधन कम हो गए हैं। कई लोग मुश्किल समय में डॉ. रेड्डी के पास मदद के लिए जाते थे। मानसिक स्वास्थ्य पेशे में कई सेवा प्रदाताओं की तरह डॉ. रेड्डी भी मानसिक बीमारी से जूझ रहे कई लोगों की उम्मीद थे। रेड्डी ने भारत में उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक मेडिकल स्कूल से साल 1986 में स्नातक किया था। इसके बाद उन्होंने 1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैंजस मेडिकल सेंटर से आगे की पढ़ाई की। उन्होंने मनोचिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल की। विचिटा में भारतीय अमेरिकी समुदाय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है।

Tags:    
Share it
Top