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जानें कौन है! जनरल कासिम सुलेमानी जिसे अमेरिकी ने एयर स्ट्राइक में मार गिराया

 Sujeet Kumar Gupta |  3 Jan 2020 11:26 AM GMT  |  नई दिल्ली

जानें कौन है! जनरल कासिम सुलेमानी जिसे अमेरिकी ने एयर स्ट्राइक में मार गिराया

बगदाद। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद बगदाद एयरपोर्ट पर एयर स्ट्राइक की गई और तेहरान के शीर्ष सैन्य कमांडर को मार गिराया गया।

अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि सुलेमानी इराक व मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी राजदूतों पर हमले की साजिश रच रहा था इसलिए अमेरिका ने विदेशों में बसे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुलेमानी को मार गिराने का फैसला किया था। हम आपको बता रहे हैं कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक में मरने वाला जनरल कासिम सुलेमानी आखिर कौन था।

जनरल कासिम सुलेमानी का जन्म 11 मार्च 1957 में इरान में हुआ था. सुलेमानी कारमन से फारसी थे और उनके पिता एक किसान थे जिनका 2017 में निधन हो गया था. उनकी मां फतेमी की साल 2013 में मृत्यु हो गई. सुलेमानी की पांच बहनें और एक भाई सोहराब है।

सुलेमानी साल 1979 में ईरानी क्रांति के बाद रिवोल्यूशनरी वॉर गार्ड (IRGC) में शामिल हो गए, जिसमें उन्होंने शाह को गिरते देखा और अयातुल्ला खुमैनी ने सत्ता संभाली. एक गार्डमैन के रूप में अपने करियर की शुरुआत में वह उत्तर-पश्चिमी ईरान में तैनात थे और उन्होंने पश्चिमी अज़रबैजान प्रांत में कुर्द अलगाववादी विद्रोह के दमन में भाग लिया।

22 सितंबर 1980 को जब सद्दाम हुसैन ने ईरान पर आक्रमण शुरू किया तब सुलेमानी एक मिलिट्री कंपनी के लीडर के रूप में युद्ध के मैदान में शामिल हुए. जिसमें करमान के लोग भी शामिल थे. इसके बाद वह 41 वें सरला डिवीजन के कमांडर बन गए।

62 साल के जनरल कासिम सुलेमानी न केवल ईरान में बल्कि सीरिया, लेबनान और इराक के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक थे. सुलेमानी तब से बगदाद में है जब हाल ही में पिछले महीने पार्टियों ने नई सरकार बनाने की मांग की थी. सुलेमानी को एक बार ऑर्डर ऑफ जोलफाघर और तीन बार ऑर्डर ऑफ फेथ से भी नवाजा जा चुका है।

बतादें कि अमेरिकी की कासिम सुलेमानी पर लंबे समय से नजर थी और यूएस ने सुलेमानी को बैन कर रखा था. कासिम सुलेमानी ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खोमैनी के करीबी थे और ईरान की स्पेशल आर्मी रिवॉल्यूशनरी गार्ड की कुद्स आर्मी के चीफ थे.

अमेरिका ने कुद्स आर्मी को आतंकी संगठन बताते हुए बैन कर रखा था. अमेरिका के मुताबिक, कुद्स फोर्स इराकी और अमेरिकी सेना की हत्या का जिम्मेदार है और अमेरिका के खिलाफ लगातार कार्रवाई में शामिल रहा है।

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