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क्या आप जानते है, तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं बीएस येदियुरप्पा, एक बार भी पूरा नहीं कर पाए कार्यकाल!

एक बार सात दिन तो एक बार केवल 6 दिन में ही उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा था.

 Special Coverage News |  26 July 2019 1:00 PM GMT  |  बेंगलुरु

क्या आप जानते है, तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं बीएस येदियुरप्पा, एक बार भी पूरा नहीं कर पाए कार्यकाल!

बीएस येदियुरप्पा आज चौथी बार कर्नाटक के सीएम पद की शपथ ले रहे हैं. इससे पहले वो तीन बार सीएम बन चुके हैं लेकिन एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. सवाल तो आपके मन भी यही उठ रहा होगा कि येदियुरप्पा के साथ ऐसा क्यों होता है? इस बार भी 76 वर्षीय येदियुरप्पा को शायद यह भरोसा नहीं है कि वो आखिर कब तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहेंगे, इसलिए अच्छी किस्मत के लिए उन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग ही बदल ली है.

मई 2018 में तो वो ग्रहों की चाल के हिसाब से चल रहे थे. कर्नाटक का नाटक इतना बढ़ा कि तीसरी बार भी वह मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए थे. उन्हें सिर्फ छह दिन में ही त्यागपत्र देना पड़ा था. नवंबर 2007 में वह सिर्फ सात दिन सीएम रहे थे. इसके बाद 2008 से 2011 तक उनका कार्यकाल तीन साल 62 दिन था.

येदियुरप्पा का सियासी सफर

येदियुरप्पा पहली बार 12 नवंबर, 2007 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे. सीएम बनने के बाद आठवें ही दिन 19 नवंबर, 2007 को उन्हें पद छोड़ना पड़ा था. गठबंधन सरकार में हुए समझौते के अनुसार मुख्यमंत्री पद पर दोनों दलों के नेताओं को बराबर-बराबर वक्त तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहना था. समझौते के तहत येदियुरप्पा ने जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को फरवरी, 2006 में सीएम बनवा दिया था, लेकिन जब अक्टूबर, 2007 में येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने का वक्त आया तो कुमारस्वामी मुकर गए और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया.

नवंबर, 2007 में राष्ट्रपति शासन खत्म हुआ. 12 नवंबर 2007 को येदियुरप्पा कर्नाटक के सीएम बने. लेकिन मंत्रालयों में बंटवारे को लेकर विवाद हुआ और उनको 19 नवंबर, 2007 को त्यागपत्र देना पड़ा.

इसके बाद वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली. येदियुरप्पा ने 30 मई 2008 को दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली. लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के मामलों में उनका नाम लिया. बीजेपी दबाव में आ गई फिर उन्होंने 31 जुलाई 2011 को पद से इस्तीफा दे दिया.

मई 2018 में बीजेपी को बहुमत से आठ सीटें कम मिलीं. फिर भी राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी के नाते उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया. 17 मई 2018 को उन्होंने सीएम पद की शपथ ली. लेकिन वे बहुमत साबित करने का जादुई आंकड़ा नहीं जुटा सके. इसलिए इसलिए 23 मई को इमोशनल भाषण के साथ उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा. उसके बाद कांग्रेस के सहयोग से जेडीएस नेता एचडी. कुमारस्वामी सीएम बने.

अब कुमारस्वामी की सरकार गिर गई है. येदियुरप्पा चौथी बार सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं. देखना ये है कि उनका यह कार्यकाल पूरा होता है या नहीं?

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