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येडियुरप्पा के सामने सरकार बचाने की चुनौती, मंत्रीपद नहीं मिलने से सीनियर नेताओं में बढ़ी नाराज़गी

मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने सीनियर नेताओं को दरकिनार कर विभागों का बंटवारा किया. जिन विधायकों को मंत्रीपद या कोई विभाग नहीं दिया गया, उनकी नाराज़गी सामने आने लगी है.

 Special Coverage News |  27 Aug 2019 4:24 AM GMT  |  दिल्ली

येडियुरप्पा के सामने सरकार बचाने की चुनौती, मंत्रीपद नहीं मिलने से सीनियर नेताओं में बढ़ी नाराज़गी

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार (Congress-JDS) गिरने के बाद बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने सरकार तो बना ली, लेकिन इस सरकार को बचाने के लिए अब तक जूझ रहे हैं. दरअसल, मंत्रीपद नहीं मिलने से कई विधायकों में असंतोष है. ऐसे में मजबूरन येडियुरप्पा को एक नहीं, बल्कि तीन डिप्टी सीएम बनाने पड़े. येडियुरप्पा ने लक्ष्मण सावदी, गोविंद एम करजोल और अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाया है. येडियुरप्पा ने तीन डिप्टी सीएम समेत 17 नए मंत्रियों को विभाग भी सौंप दिए हैं. जिन विधायकों को मंत्रीपद नहीं दिया गया, उनकी नाराज़गी भी सामने आने लगी है. ऐसे में येडियुरप्पा के सामने सरकार बचाने की बड़ी चुनौती है.

येदियुरप्पा कैबिनेट में लिंगायत समुदाय से 7, ओबीसी से 2, ब्राह्मण समाज से एक, वोक्कालिगा समुदाय से 3 और एससी-एसटी समुदाय से 4 लोगों को मंत्री बनाया गया है. मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं. उन्हें लेकर सरकार में 8 लोग लिंगायत समुदाय से हो गए हैं. मंत्रीपद नहीं मिलने पर वोक्कलिगा नेता और चिकमगलुर से विधायक सीटी रवि ने कई ट्वीट्स किए और पार्टी के प्रति अपनी नाराज़गी जाहिर की.

बीजेपी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में केएस ईश्वरप्पा और आर. अशोक डिप्टी सीएम रह चुके थे, लेकिन इस बार उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया. ईश्वरप्पा को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग दिया गया है, जबकि आर. अशोक राजस्व विभाग संभालेंगे.

ईश्वरप्पा को डिप्टी सीएम नहीं बनाने से समर्थकों में नाराजगी

ईश्वरप्पा के समर्थक उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से खासे नाराज हैं. उनका कहना है कि ये उनके नेता का 'अपमान' है. ईश्वरप्पा के समर्थकों ने इशारों-इशारों में येडियुरप्पा सरकार को इसकी कीमत चुकाने की चेतावनी भी दी है. वहीं, सीटी रवि के समर्थक अपने नेता को दरकिनार कर अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं.

चार बार के विधायक सीटी रवि ने बताया कि उन्होंने कभी कोई पोर्टफोलियो की मांग नहीं रखी थी. लेकिन, उन्हें टूरिज्म मिनिस्ट्री के साथ साथ कन्नड़ और कल्चर विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. रवि आगे बताते हैं, 'मैंने कभी कोई मंत्रीपद नहीं मांगा. मैं पार्टी के साथ और पार्टी के लिए काम करना चाहता हूं. जब बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष शपथ ले लेंगे, तब मैं उनके साथ अपनी बात रखूंगा.' बता दें कि येडियुरप्पा के सीएम बनने के बाद बीजेपी ने अब नलिन कुमार कटील को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है.

सीटी रवि ने ट्विटर पर जाहिर की नाराज़गी

हालांकि, सोमवार देर रात किए गए ट्वीट्स में सीटी रवि ने अपनी नाराज़गी भी जाहिर की. उन्होंने ट्वीट किया- 'न तो मैं असंतुष्ट हूं और न ही बागी. मेरी वफादारी सिर्फ बीजेपी के प्रति है. लेकिन मैं अपने सिद्धांतों के प्रति भी उतना ही वफादार और प्रतिबद्ध हूं. अगर मेरा अभिमान आहत होगा, तो मेरे अंदर का योद्धा बाहर आएगा और चीजों का सामना करेगा.'

किसको क्या मिला

सीएम येडियुरप्पा ने लक्ष्मण सावदी, गोविंद एम करजोल और अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाया है.

इनमें से गोविंद करजोल (Govind Karjol) को पीडब्ल्यूडी और समाज कल्याण, अश्वत्थ नारायण को उच्च शिक्षा, आईटी और बीटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रभार दिया गया है. वहीं, बसवराज बोम्मई (Basawraj Bommai) को गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. जबकि, लक्ष्मण सावदी को परिवहन विभाग का प्रभार दिया गया है. लक्ष्मण सावदी फिलहाल ना विधायक हैं और ना ही वह विधान परिषद के सदस्य हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार (Jagdish Shettar) को बड़े और मध्यम स्तरीय उद्योग का मंत्रालय, दो पूर्व उप मुख्यमंत्री-के एस ईश्वरप्पा और आर अशोक को क्रमश: ग्रामीण विकास और पंचायती राज, तथा राजस्व विभाग का प्रभार दिया गया है. वरिष्ठ नेता बी श्रीरामुलू को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बनाया गया है जबकि एस सुरेश कुमार को प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग का कार्यभार दिया गया है.

अन्य मंत्रियों में वी सोमन्ना (आवास), सी टी रवि (पर्यटन, कन्नड़ और संस्कृति), बसवराज बोम्मई (गृह), कोटा श्रीनिवार पुजारी (मत्स्य, बंदरगाह और इनलैंड ट्रांसपोर्ट), जे सी मधुस्वामी (कानून, संसदीय मामले और लघु सिंचाई) शामिल हैं .

सीसी पाटिल को खान और भूगर्भ, एच नागेश को आबकारी, प्रभु चव्हाण को पशुपालन और शशिकला जोले को महिला और बाल विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया है .

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