Top
Begin typing your search...

अपार धन प्राप्ति के लिए आज करें ये छह सरल उपाय!

अपार धन प्राप्ति के लिए आज करें ये छह सरल उपाय!
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

आपकी पूजा:- अर्चना से मां लक्ष्मी जितना प्रसन्न होती हैं उससे अधिक भगवान विष्णु की आराधना से खुश होती हैं। अतः जल्दी करोड़पति होने की इच्छा रखने वाले लोगों को शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए। इससे जल्दी ही सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

आज के दिन पीले कपड़े में पांच पीली कौड़ी तथा थोड़ी की केसर, एक चांदी के सिक्के के साथ बांधकर अपनी तिजोरी में रखनी चाहिए। इससे कुछ ही दिनों में घर में धन आना शुरू हो जाता है और पुराने कर्जे भी समाप्त हो जाते हैं।

शुक्रवार के दिन, शाम के समय घर के ईशान कोण (घर का उत्तरी-पूर्वी कोना अथना पूजास्थान) में गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए। ध्यान रखें, बत्ती में रुई की बाती के स्थान पर लाल रंग के सूती धागा हो तथा दीपक में थोड़ी सी केसर भी डाल दें। इसका प्रभाव भी तुरंत ही दिखने लगता है।

इस दिन गरीबों को सफेद वस्तु या खाद्य पदार्थों का दान करना चाहिए। यदि किसी अपाहिज भिखारी या गाय को भोजन करवा सकें और सबसे अधिक शुभ रहेगा और जल्दी ही मालामाल हो जाएंगे।

शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाएं तथा उन्हें दक्षिणा (पैसे) तथा पीला वस्त्र देकर विदा करें। इससे मां की कृपा अत्यन्त जल्दी प्राप्त होती है।

आज श्रीयंत्र का गाय के दूध से अभिषेक करें तथा अभिषेक किए हुए जल का पूरे घर में छिड़काव करें। इसके पश्चात श्रीयंत्र को कमलगट्टे के साथ अपने तिजोरी में रख दें। जल्दी ही घर में धन आने लगेगा।

ज्योतिष:-

ज्योतिष में वैसे तो नवग्रहों में से प्रत्येक ग्रह का अपना अलग महत्व होता है प्रत्येक ग्रह हमारे जीवन के भिन्न भिन्न घटकों को नियंत्रित करता है परंतु नौ ग्रहों में से शुक्र ग्रह का हमारे जीवन में बड़ा ही विशेष महत्व है क्योंकि शुक्र हमारे जीवन के बहुत विशेष घटकों को नियंत्रित करता है, शुक्र को ज्योतिष में सौम्य और शुभ ग्रह माना गया है ज्योतिष में वर्णित में बारह राशियों में से वृष और तुला राशि पर शुक्र का आधिपत्य है मीन राशि में शुक्र उच्चस्थ तथा कन्या में नीचस्थ होता है शनि, बुध और राहु शुक्र के मित्र ग्रह हैं।

ज्योतिष में शुक्र को धन, सुख संपत्ति, घर, जायदात, भौतिक संसाधन, ऐश्वर्य, विलासिता, वैभव, आर्थिक उन्नति और भोग का कारक माना गया है, शुक्र ही हमारे जीवन के सभी भौतिक संसाधनों और समृद्धि को नियंत्रित करता है इसलिए आज के समय शुक्र सर्वाधिक महत्व रखने वाला ग्रह माना जाता है जिन लोगों की कुंडली में शुक्र बली स्थिति में होता है उन्हें जीवन में अच्छी आर्थिक स्थिति, संपत्ति ऐश्वर्य और वैभव की प्राप्ति होती है और यदि कुंडली में शुक्र कमजोर और पीड़ित स्थिति में हो तो ऐसे में जीवन में आर्थिक विकास नहीं हो पाता जीवन में सुख संसाधनों और धन से जुडी समस्यायें उत्पन्न होती हैं और व्यक्ति आर्थिक दृष्टि से संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत करता है, जन्मकुंडली में बने अन्य शुभ योगों के होने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अच्छी तो हो सकती हैं पर जीवन में ऐश्वर्य और वैभव केवल बली शुक्र से ही प्राप्त होता है ,यदि कुंडली में शुक्र पीड़ित हो तो ऐसे में व्यक्ति समान्य आर्थिक स्थिति को ही प्राप्त कर पाता है जीवन में वैभव नहीं आ पाता, और यदि कुंडली में शुक्र अति पीड़ित स्थिति में हो तो ऐसे में कुंडली में बने राजयोग भी निष्फल हो जाते हैं इसलिए कुंडली में राजयोग भी तभी अपना पूरा परिणाम देता है जब शुक्र भी शुभ स्थिति में हो।

यदि कुंडली में शुक्र स्व उच्च (वृष, तुला, मीन) राशि में हो और शुभ स्थानों (केंद्र, त्रिकोण, धन, लाभ स्थान) में हो तो ऐसे में व्यक्ति को अच्छी आर्थिक स्थिति प्राप्त होती है संपत्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में वैभव की प्राप्ति होती है, यदि शुक्र केंद्र में (1,4,7,10 भाव) वृष तुला या मीन राशि में हो तो माल्वय योग का निर्माण होता है जो व्यक्ति को राजयोग तुल्य फल प्रदान करता है। शुक्र को कुंडली के बारहवे भाव में सर्वाधिक बली माना जाता है बारहवा भाव भोग का नियंत्रक भाव है तथा शुक्र भोग का नैसर्गिक कारक है इसलिए बारहवे भाव में स्थित शुक्र व्यक्ति को उच्च समृद्धि प्रदान करता है। पुरुष जातकों की कुंडली में शुक्र ही पत्नी और वैवाहिक जीवन का प्रतिनिधित्व करता है जिन पुरुषों की कुंडली में शुक्र बारहवे भाव में होता है तो ऐसे लोगों के विवाह के बाद उनका विशेष भाग्योदय होता है।

यदि कुंडली में शुक्र नीच राशि (कन्या) में हो केतु के साथ हो मंगल से पीड़ित हो, सूर्य से अस्त हो या अष्टमभाव में होने से पीड़ित हो तो ऐसे में व्यक्ति को आर्थिक संघर्ष का सामना करना पड़ता है जीवन में संपत्ति और भौतिक संसाधनों की कमी रहती है जीवन में ऐश्वर्य और वैभव नहीं आ पाता और जीवन एक समान्य स्तर से आगे नहीं बढ़ पाता।

यदि कुंडली में शुक्र पीड़ित होने से आर्थिक और सम्पत्तिक पक्ष से जुडी समस्याएं आ रही हों तो निम्नलिखित उपाय लाभदायक होंगे,

उपाय:-

ॐ शुम शुक्राय नमः का नियमित जाप करें।

प्रतिदिन श्रीसूक्त का पाठ करें।

शुक्रवार को गाय को खीर खिलाएं।

किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह के बाद ओपल रत्न या हीरा रत्न धारण करना भी लाभदायक होगा।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it