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हाथों का जादू और कोयले का कमाल अनोखी कला

 Special Coverage News |  27 Sep 2019 6:21 AM GMT  |  छतरपुर

हाथों का जादू और कोयले का कमाल अनोखी कला

रंगों से दुनिया है और दुनिया में अगर रंग ही न हो तो सव ब्लेक इन व्हाइट सा लगने लगेगा, लेकिन जब इसी रंगों से पेंटिंग बनाई जाए तो कैसा लगेगा. जली हुई लकड़ी का कोयला तो काफी देखा होंगा,और इसका उपयोग भी कपड़ो पर प्रेस करना हो या पहले के समय मे रेलगाड़ी चलाना हो कई जगह इसका उपयोग सुना होंगा, लेकिन कोयले से पेंटिंग भी बनाई जा सकती है, ये शायद ही आपने सुना होगा.विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में रहने वाले राजकुमार जथोरिया जो 35 बर्ष के है पिछले 10 सालों से जंगलो और पहाड़ो की अलग-अलग लकड़ी को जलाकर कोयला का निर्माण कर चित्रकारी कर रहै है. राजकुमार किसी भी रंग का प्रयोग अपनी चित्रकारी के लिए नहीं करते है,स्वम् निर्माण के कोयले के साथ कई कंपनियों के कोयले का भी निर्माण करते है.

चारकोल यानी कोयले से बनाई हुई इनकी पेंटिंग देखकर ऐसा लगता है मानो ये बोल पड़े और अपनी व्यथा आपको सुनाने लगेऔर कला के धनी राजकुमार की इस पेंटिंग को लेकर एमपी टूरिज्म ने एक ब्लॉक में इनको अलग ही महत्वपूर्ण स्थान दिया है जिसको देखकर लोग काफी सराहना कर रहे है.

कोयले से वनी पेंटिग है दुनिया में पॉपुलर

दुनिया में पेंटिंग्स एक ऐसा शौक है, जिसे करने में काफी खर्च हो जाता है. मशहूर पेंटर अपनी पेंटिंग को बनाने में लकड़ी से बने कोयले का प्रयोग करते है जो लाखो रुपये की विक भी चुकी है,ओर कई देशों में प्रदर्शनीयो में भी शामिल हो चुकी है.

पेंटिंग में खास

इनकी पेंटिंग अधिकतर पर्यावरणीय सुंदरता,जीव जंतुओं और फॉल्क डांस पर आधारित होती है और प्रत्येक पेंटिंग्स के भाव और आँखो और चेहरे के भाव भिन्न-भीन्न होती है,जो इनको अनोखी बनाती हैं,साथ ही पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए जागरूक करने की कोशिश भी करते है,और बच्चो को निशुल्क कोचिंग भी देते है जिससे ये कला ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचे.

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