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संजय राउत बोले- 'महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की कोशिश की तो आग में जल जाओगे'

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि अगर ऐसे ही इस्तीफे लेने लगे तो फिर सरकार चलाना ही मुश्किल हो जाएगा।

संजय राउत बोले- महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की कोशिश की तो आग में जल जाओगे
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एंटीलिया-सचिन वाझे केस में मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक चिट्ठी लिखकर महाराष्ट्र की सियासत में उथल-पुथल मचा दी है। अनिल देशमुख पर परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर भाजपा इस्तीफे की लगातार मांग कर रही है। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि अगर ऐसे ही इस्तीफे लेने लगे तो फिर सरकार चलाना ही मुश्किल हो जाएगा। साथ ही चेताया है कि अगर कोई राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश करेगा तो वो उसी आग में जल जाएगा। बता दें कि परमबीर सिंह ने आरोप लगाया कि अनिल देशमुख ने सचिन वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का टारगेट दिया था।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अनिल देशमुख को लेकर जारी विवाद पर शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने फैसला किया है कि आरोपों की जांच होनी चाहिए, तो फिर इसमें क्या गलत है? आरोप तो कोई भी किसी पर भी लगा सकता है। अगर लोग मंत्रियों का इस्तीफा ऐसे ही लेने लगे, तो सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने आगे कहा, गृहमंत्री (अनिल देशमुख) ने कहा कि 'लेटर बम' की तथ्यों की जांच होनी चाहिए, सीएम को इसकी जांच करनी चाहिए। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। अगर सरकार इस जांच की चुनौती को स्वीकार करने के लिए तैयार है, तो इस्तीफे का मुद्दा बार-बार क्यों उठाया जा रहा है?। उन्होंने फिर कहा कि अगर कोई केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का प्रयास कर रहा है, तो मैं उन्हें चेतावनी दे रहा हूं कि आप स्वयं उस आग में जल जाएंगे।

बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे आठ पन्नों के लेटर में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि देशमुख अपने सरकारी आवास पर पुलिस अधिकारियों को बुलाते थे और उन्हें बार, रेस्तरां और अन्य स्थानों से उगाही करने का लक्ष्य देते थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि देशमुख ने हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का टारगेट दिया था। हालांकि, देशमुख ने सिंह के आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया है और इसे आईपीएस अधिकारी द्वारा खुद को जांच से बचाने का प्रयास करार दिया है।

Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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