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जदयू के साथ अब शिवसेना का भी प्रचार करेंगे प्रशांत किशोर!

प्रशांत किशोर ने कई चुनावी नारे गढ़े जो लोगों के जुबान पर हैं. जैसे 'अबकी बार मोदी सरकार', बिहार में काम करते हुए 'बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है' का नारा दिया था.

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जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर लोकसभा चुनाव में शिवसेना के लिए काम करेंगे. बताया जा रहा है कि वह 2019 लोकसभा चुनाव के लिए शिवसेना के साथ जुड़ेंगे. प्रशांत किशोर उद्धव ठाकरे से मिलने उनके मुंबई स्थित आवास मातोश्री पहुंचे. इससे पहले वह 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए काम कर चुके हैं. इसके बाद बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उसके बाद उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के साथ जुड़कर कांग्रेस के लिए भी काम कर चुके हैं.


साल 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015 में हुए बिहार विधानसभा में जिस पार्टी के साथ उन्होंने काम किया उसे जीत मिली. हालांकि, 2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हार गई थी. बता दें कि प्रशांत किशोर ने कई चुनावी नारे गढ़े जो लोगों के जुबान पर हैं. जैसे 'अबकी बार मोदी सरकार', बिहार में काम करते हुए 'बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है' का नारा दिया था. वहीं यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन को लेकर नारा दिया था, 'यूपी को यह साथ पसंद है.'


लोकसभा चुनाव 2014 के बाद से ही चुनावी रणनीति के लिए प्रशांत किशोर की मांग बढ़ गई थी. लगभग सभी दल के नेता चाहते हैं कि प्रशांत किशोर उनकी पार्टी के साथ जुड़े और काम करें. माना जाता है कि प्रशांत किशोर के पास देश के मतदाताओं का सूक्ष्म विश्लेषण है. राजनीतिक जगत में यह भी कहा जाता है कि प्रशांत किशोर मतदाताओं के नब्ज को पकड़ना जानते हैं. उन्हें पता होता है कि कब कौन सा नारा और किस बात के जरिए जनता को अपने पक्ष में किया जा सकता है. हालांकि, शिवसेना के साथ काम करने को लेकर पेंच ये है कि प्रशांत किशोर ने पिछले साल जेडीयू पार्टी ज्वाइन कर ली और उन्हें पार्टी में नीतीश के बाद नंबर दो की हैसियत दी गई है. ऐसे में किसी दूसरी पार्टी के लिए उनके काम करने को शक की निगाह से देखा जा रहा है.

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