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48 घंटे के अंदर उद्धव ठाकरे को क्यों करना पड़ा मंत्रियों के बीच विभागों में फेरबदल?

 Special Coverage News |  15 Dec 2019 6:42 AM GMT  |  मुंबई

48 घंटे के अंदर उद्धव ठाकरे को क्यों करना पड़ा मंत्रियों के बीच विभागों में फेरबदल?
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महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने मंत्रियों के विभाग में फेरबदल कर दिया है। अब छगन भुजबल से जल संसाधन और लाभ क्षेत्र विकास विभाग छीन कर जयंत पाटिल को दे दिया गया है। दरअसल कुछ ही दिनों पहले यह खबर आई थी कि जयंत पाटिल इस बात से नाराज थे कि उन्हें कम महत्वपूर्ण विभाग क्यों दिया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि जयंत पाटिल ने इस विषय पर अप्रत्यक्ष रूप से अपनी नाराजगी भी जताई थी।

दरअसल महाराष्ट्र में महाविकस अघाड़ी की सरकार बनने के बाद जब कैबिनेट में शामिल विधायकों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया तब जयंत पाटिल के पास वित्त विभाग, नियोजन, गृह निर्माण, स्वास्थ्य, सहकार व व्यापार, अन्न व आपूर्ति, ग्राहक संरक्षण, कामगार, और अल्पसंख्यक विभाग मंत्रालय था।

वहीं छगन भुजबल के पास ग्राम विकास, जलसंपदा, सामाजिक न्याय, राज्य उत्पादन शुल्क, स्किल डिवेलपमेंट, अन्न व औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी थी। बताया जा रहा है कि जयंत पाटिल इस बात से नाराज थे कि उनके पास वित्त मंत्रलाय के अलावा कोई अन्य महत्वपूर्ण विभाग नहीं है। लेकिन अब राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जयंत पाटिल की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की है।

जिसके तहत जल संसाधन और लाभ क्षेत्र विकास विभाग छगन भुजबल से वापस लेकर जयंत पाटील को दे दिया गया है, जबकि अन्न व नागरी आपूर्ति, अल्पसंख्यक विकास व कल्याण विभाग छगन भुजबल को दिया गया है। मंत्रियों के बीच विभागों के इस फेरबदल संबंधित मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को राज्यपाल भगत सिंह कोशयारी ने मंजूरी भी दे दी है।

आपको बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र विकास अघाड़ी का नेतृत्व कर रहे हैं। बीते 28 नवंबर को उद्धव ठाकरे ने 6 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई है। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र 21 दिसंबर को खत्म हो रहा है और सत्र खत्म होने के बाद कैबिनेट का विस्तार भी किया जा सकता है।

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