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क्या शिवसेना की किस्मत ख़राब, एनसीपी को न्यौता मिलते ही बदल गई रणनित!

 Special Coverage News |  12 Nov 2019 4:45 AM GMT  |  मुंबई

क्या शिवसेना की किस्मत ख़राब, एनसीपी को न्यौता मिलते ही बदल गई रणनित!

महाराष्ट्र में राज्यपाल ने शिवसेना के अनुरोध को ठुकरा दिया है. उसके बाद शिवसेना के सहयोगी एनसीपी को सरकार बनाने का न्यौता दे दिया. जबकि शिवसेना , एनसीपी और कांग्रेस साथ साथ रहकर सरकार बनाने जा रहे है. लेकिन इसी बात को बीजेपी नेता कह रहे है कि शिवसेना घर की रही न घाट की.

एनसीपी के नेता अजीत पवार ने कहा है कि जो भी फैसला लिया जाएगा, वह एकसाथ लिया जाएगा. हम कल कांग्रेस के रिस्पॉन्स का इंतजार कर रहे थे, मगर उनकी तरह से कोई जवाब नहीं आया. हम इसका फैसला अकेले नहीं लेंगे. यहां कोई गलतफहमी नहीं है. हमने एक साथ चुनाव लड़ा है और हम साथ हैं.

उधर अभी अभी एनसीपी के सुप्रीमों शरद पवार से जब पूंछा गया कि अभी आगे की रणनित में क्या कहेंगे, कांग्रेस ने सरकार बनाए जाने के लिए कांग्रेस अपने पत्ते अब तक क्यों नहीं खोल रही है. इस पर उन्होंने कहा कि अब में कांग्रेस चीफ सोनिया गाँधी से बात करूंगा.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है. कांग्रेस तय नहीं कर पा रही है कि वह सरकार बनाने में शिवसेना का सहयोग करेगी या नहीं. हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कोर कमेटी की बैठक बुलाई है. इस बीच कांग्रेस के अंदर से दो सुर सामने आ रहे हैं. एक ओर केसी पडवी ने सरकार बनाने का समर्थन किया तो वहीं संजय निरुपम ने शिवसेना के साथ गठबंधन का विरोध किया.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस के पास महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है. अस्थिरता के लिए हम पर कोई भी आरोप लगाना गलत है. यह बीजेपी और शिवसेना की विफलता है, जिसने राज्य को राष्ट्रपति शासन की चौखट पर ला खड़ा किया है. वहीं, केसी पडवी ने कहा कि प्रक्रिया अभी भी चल रही है, लेकिन अंतिम रिजल्ट सकारात्मक होगा. व्यक्तिगत रूप से मुझे लगता है कि तीनों (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) पार्टी सरकार बनाएंगे और शिवसेना का नेता सीएम होगा.

शिवसेना नहीं जुटा पाई बहुमत का आंकड़ा

महाराष्ट्र में सत्ता की हलचल तेज तो हुई लेकिन सरकार बनने की कोई सूरत अभी भी नहीं. सोमवार को शिवसेना को सरकार बनाने के बारे शाम साढ़े सात बजे तक राज्यपाल को बता देना था, लेकिन वो इसमें नाकाम रही. उसे राज्यपाल ने आज रात साढ़े आठ बजे तक समय दिया है. कांग्रेस ने बैठक की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. इस बीच एनसीपी नेता अजीत पवार राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल से बात की.

शिवसेना और कांग्रेस के बीच कोई सीधी बात नहीं

गौर करने वाली सबसे बड़ी बात ये है कि कांग्रेस और शिवसेना में सत्ता के नियम और शर्तों के लिए कोई सीधी बात नहीं हो रही है. उद्धव ठाकरे ने भले एक बार सोनिया गांधी को फोन किया हो लेकिन सोनिया गांधी को जो भी कहना है वो शरद पवार के जरिए कर रही हैं. ऐसे में पवार रातों रात उद्धव ठाकरे की सबसे बड़ी मजबूरी हो गए हैं.

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