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गठबंधन सरकार की गांठ खुलेगी या बनी रहेगी इस पर शरद पवार ने उद्धव सरकार को लेकर किया बड़ा दावा

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को भी मंजूरी दे दी है. ठाकरे ने कहा कि एनपीआर में जनता के खिलाफ कुछ भी नहीं है.

 Sujeet Kumar Gupta |  23 Feb 2020 8:24 AM GMT  |  नई दिल्ली

गठबंधन सरकार की गांठ खुलेगी या बनी रहेगी इस पर शरद पवार ने उद्धव सरकार को लेकर किया बड़ा दावा
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मुंबई। महाराष्ट्र में इस समय कांग्रेस,एनसीपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे है। वहा पर जिस तरह से गठबंधन के बावजूद बेधड़क फैसला उद्धव ठाकरे ले रहे है उससे लगता है कि वहां पर कांग्रेस अपना पुराना वादा ठाकरे को याद दिला रही है तो वही एक तरफ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने एक अलग ही दावा कर दिया है।

शरद यादव ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. पवार ने एक मराठी समाचार चैनल द्वारा आयोजित 'विजन महाराष्ट्र' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व की प्रशंसा की।

एनसीपी चीफ ने कहा, 'मुझे इस बात पर कोई शक नहीं है कि राज्य सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी.' उन्होंने कहा, 'उद्धव ठाकरे ऐसे व्यक्ति हैं जो सभी को अपने साथ आगे लेकर बढ़ते हैं.' मुख्यमंत्री के तौर पर ठाकरे के प्रदर्शन को अंक देने के लिए कहने पर पवार ने कहा कि शिवसेना प्रमुख ने अभी किसी परीक्षा का सामना नहीं किया है, लेकिन वह सही पथ पर आगे बढ़ रहे हैं.

बीते साल हुए महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था, हालांकि आपसी खींचतान के चलते दोनों के बीच गठबंधन बचा नहीं और शिवेसना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. इस सरकर में उद्धव ठाकरे जहां सीएम हैं, तो वहीं शरद पवार के भतीज अजित पवार डिप्टी सीएम का पद संभाल रहे हैं।

वही कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने शनिवार (22 फरवरी) को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को यह समझने के लिए संशोधित नागरिकता नियम-2003 पर "जानकारी दिए जाने की जरूरत" है कि कैसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का आधार है। तिवारी ने यह भी कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर ठाकरे को संविधान के स्वरूप से फिर से परिचित होने की जरूरत है जिसके मुताबिक धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता।

ठाकरे के एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी की तरफ से यह बयान आया है। महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है। मोदी से मुलाकात के बाद ठाकरे ने कहा था कि सीएए को लेकर किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह किसी को देश से बाहर निकालने के संबंध में नहीं है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार (21 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा था कि सीएए से किसी को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका मकसद किसी को देश से बाहर निकालना नहीं है। शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने कहा कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) मुसलमानों के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एनआरसी को लागू नहीं किया जाएगा।

ठाकरे ने प्रधानमंत्री के साथ लगभग एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और एनआरसी पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ''मैं इन सभी मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट कर चुका हूं। किसी को भी सीएए से डरने की जरूरत नहीं है। मैंने कहा था कि सीएए किसी को देश से बाहर निकालने का कानून नहीं है।''

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