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बजट सत्र : महामहिम राष्ट्रपति बोले - 'सरकार का उद्देश्य - सबका साथ और सबका विकास'

 Special News Coverage |  23 Feb 2016 8:35 AM GMT

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण



नई दिल्ली : संसद का बजट सत्र मंगलवार से शुरू हो गया है। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में कहा,'हमारी सरकार का उद्देश्य है, सबका साथ और सबका विकास। हम चाहते हैं कि गरीब से गरीब व्यक्ति तक विकास पहुंचे। गांधी जी ने कहा था कि गरीबी हिंसा का सबसे भयावह रूप है, इसलिए हम गरीबी को जड़ से मिटाना चाहते हैं। हम गरीबों की उन्नति और किसानों की समृद्धि के लिए वचनबद्ध हैं।'


राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा,'हमारी सरकार का उद्देश्य है, सबका साथ और सबका विकास। हम चाहते हैं कि गरीब से गरीब व्यक्ति तक विकास पहुंचे। गांधी जी ने कहा था कि गरीबी हिंसा का सबसे भयावह रूप है, इसलिए हम गरीबी को जड़ से मिटाना चाहते हैं। हम गरीबों की उन्नति और किसानों की समृद्धि के लिए वचनबद्ध हैं। प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत हम हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना चाहते हैं। हम युवाओं को रोजगार देने के लिए लिए भी प्रतिबद्ध हैं। हमारी सरकार अपने उद्देश्यों को समावेशी आर्थिक नीतियों और सामाजिक सुरक्षा के जरिए हासिल करना चाहती है।'

राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों को सम्बोधित करते हुए कहा,'प्रधानमंत्री जन-धन योजना से तकरीबन 32 हजार करोड़ लोग जुड़े, यह दुनिया की सबसे सफल समावेशी आर्थिक योजना है। हम चाहते हैं कि साल 2022 तक सभी लोगों के पास अपना घर हो। फूड सिक्यॉरिटी के लिए बजट साल 2015 में दोगुना कर दिया गया है। इसके अलावा 2015 में सबसे ज्यादा यूरिया उत्पादन रिकॉर्ड किया गया। सरकार ने पशुपालन, डेयरी और मछली पालन जैसे उद्योगों की अहमियत को समझा। आज मेरी सरकार में गरीबों के लिए सौर ऊर्जा उपलब्ध है।'

राष्ट्रपति ने कहा,'ग्रामीण विकास हमारी प्राथमिकताओं में से एक है। इसी के मद्देनजर सरकार ने किसानों के लिए 24 घंटे टीवी चैनल शुरू किया। देश में रोजगार बढ़ाना सरकार के लिए सबसे कठिन चुनौती है। ृसरकार 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्ट अप इंडिया', 'स्किल्ड इंडिया' और मुद्रा जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की कोशिश कर रही है। मुद्रा योजना के तहत एक लाख करोड़ रुपये का लोन दिया गया है। नई मंजिल स्कीम के तहत मदरसे के 20,000 हजार छात्रों को रोजगार की ट्रेनिंग दी जा रही है।'

उन्होंने कहा,'मेक इन इंडिया योजना से एफडीआई में 39% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में 'ईज ऑफ बिजनस' वाले देशों की लिस्ट में भारत की रैंक 12 स्थानों तक सुधरी है। सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके मद्देनजर भ्रष्टाचार निरोधी कानून में कड़े बदलाव किए गए हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने कहा कि हमें 'सत्यम-शिवम-सुंदरम' और 'वसुधैव कुटुंबकम' की विचारधारा को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम संसद को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश करेंगे। संसद में चर्चा होनी चाहिए, यहां हंगामे के लिए जगह नहीं है।'

सत्र शुरू होने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संदेश में कहा,'आज भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो स्थिति बनी है, उसके कारण सभी का ध्यान बजट सत्र पर है। सभी दलों से पिछले दिनों से विचार-विमर्श चल रहा है। देश के सामान्य नागरिकों की आशाओं, चिंताओं पर गहन चिंतन होगा।' इससे पहले केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है और वह बजट सत्र में 32 बिल लाना चाहती है।

वहीं, बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने इशरत जहां और जेएनयू विवाद पर संसद में चर्चा की मांग करते हुए लोकसभा में नोटिस दिया है। लेखी ने नोटिस में कहा है कि दोनों मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए। हाल ही में शिकागो कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के दौरान डेविड हेडली ने खुलासा किया था कि इशरत जहां लश्कर की आत्मघाती हमलावर थी, जिसे जेडीयू समेत तमाम पार्टियों ने भारत की बेटी कहा था और उसके लिए इंसाफ की मांग की थी।

उधर, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू द्वारा सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सत्र की हंगामेदार शुरुआत के संकेत मिले जहां विपक्ष ने सरकार पर ‘अवरोध के लिए एजेंडा तय करने’ का आरोप लगाया। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया ने संसद के सुचारू रूप से चलने की जिम्मेदारी सरकार पर डाली। उन्होंने जेएनयू विवाद, दलित छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी और पठानकोट आतंकी हमले जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए समान विचार वाले दलों को साथ लेने का इरादा साफ किया।

दूसरी तरफ सरकार ने विपक्षी नेताओं को आश्वासन दिया कि उन्हें चिंता पैदा करने वाले किसी भी विषय पर चर्चा कराने में दिक्कत नहीं होगी। संसदीय कार्य मंत्री नायडू ने कहा, ‘सरकार को भी अन्य किसी दल की तरह ही इन मुद्दों को लेकर पूरी फिक्र है और हम इन सभी पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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