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राजकीय सम्मान के साथ NIA डीएसपी तंजील अहमद सुपुर्द-ए-खाक, दिल्ली सरकार से नाराजगी

 Special News Coverage |  3 April 2016 3:04 PM GMT

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बिजनौर
एनआईए अर्थात राष्ट्रीय जांच एजेंसी के डीएसपी तंजील अहमद को दिल्ली में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। अंतिम विदाई के समय केंद्र और दिल्ली सरकार के किसी मंत्री की गैर-मौजूदगी की वजह आम लोगों में नाराज़गी देखी गई। इसके बाद किसी तरह लोगों को समझाकर तंजील अहमद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।




24 गोलियों से भूना गया


डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में 12 गोलियां लगी हैं, नौ गोलियां शरीर से पार कर गईं वहीं तीन गोलियां शरीर को छूते हुए निकल गई। इस तरह से तंजीम पर 24 गोलियां बरसाई गईं। दो तरह की गोलियां शरीर में पाई गईं हैं, ऐसे में यह साफ़ है कि कम से कम दो तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।

साजिश के तहत हत्या ?


अब डीएसपी तंजील अहमद की हत्या को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। तंजील के परिवार ओर दोस्तों ने आपसी रंजिश की बात से इंकार किया है तो सवाल है कि क्या किसी साजिश के तहत एनआईए अफसर की हत्या को अंजाम दिया गया है?

कब हुआ हादसा?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के होनहार अफसर तंजील अहमद बीती रात बिजनौर में अपने परिवार के साथ भांजी की शादी में गए थे। शादी में शिरकत करने के बाद रात में करीब 1 बजे के आसपास वो लौटते वक्त स्योहर पहुंचे, उसी दौरान दो बाइक सवार पीछे से आए और कार चला रहे तंजील अहमद पर 9 एमएम की पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। तंजील जब तक कुछ समझ पाते तब तक उनके शरीर को 24 गोलियों ने छलनी कर दिया। बदमाशों ने कार में बैठी उनकी पत्नी फरजाना पर भी गोलियां चलाई थीं जो जिंदगी और मौत के बीच दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में झूल रही हैं। कार में तंजील के दो बच्चे भी थे जिन्हें बदमाशों ने अपना निशाना नहीं बनाया और सुरक्षित हैं।

तंजील की हत्या क्यों की गई इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने किसी भी तरह की रंजिश से इनकार किया है। हालांकि तंजील के दोस्त जहीन अख्तर ने हत्या के पीछे आंतकी साजिश का शक जताया है।

पोस्टमार्ट रिपोर्ट में क्या ?

किसी बड़ी साजिश का शक इसलिए भी गहराता जा रहा है क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तजील की शरीर में दो तरह की गोलियां पाई गई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में 12 गोलियां लगी हैं। नौ गोलियां शरीर से पार कर गईं वहीं तीन गोलियां शरीर को छूते हुए निकल गई। इस तरह से तंजीम पर 24 गोलियां बरसाई गईं।

ये बात भी सामने आई है कि हत्या में 9 एमएम पिस्टल का भी इस्तेमाल हुआ है। 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल आम लोग नहीं कर सकते हैं। 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल इंडियन आर्म्ड फोर्स और सेंट्रल आर्म्ड फोर्स करती है। इसे रक्षा मंत्रालय की देखरेख में पश्चिम बंगाल के ईशापुर फैक्ट्री में बनाया जाता है।

साफ है कि इस तरह के हथियार तस्करी के तहत ही बदमाशों तक पहुंचे होंगे यानि हमला करने वाले बदमाश साधारण बदमाश नहीं हैं।

तंजील अहमद ने एनआईए में रहते हुए आतंकियों के कई मॉड्यूल को नेस्तानाबूद किया है. हो सकता है कि किसी आंतकी साजिश के तहत अंजील की हत्या को अंजाम दिया गया हो।

कौन थे तंजील अहमद?

तंजील अहमद NIA में डीएसपी थे जो 6 साल पहले बीएसएफ से एनआई में आए थे। ये एनआईए की कोर टीम का हिस्सा थे जो सभी बड़े आंतकी हमलों के जांच से जुड़े थे।

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