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मुंबई एयरपोर्ट पर भी हमला करवाना चाहता था मेजर इकबाल - डेविड हेडली

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मुंबई एयरपोर्ट पर भी हमला करवाना चाहता था मेजर इकबाल - डेविड हेडली

मुंबई: मुंबई हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली की गवाही का आज चौथा दिन है। अब तक हुई गवाही में उसने कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। इसमें इशरत जहां से लेकर उन आतंकियों के नामों का खुलासा भी शामिल है जिन्होंने मुंबई हमले की साजिश को अंजाम दिया।

मुंबई हमलों का गुनहगार डेविड हेडली एक के बाद एक लगातार बड़े खुलासे कर रहा है. हेडली ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि आतंकी हमले की साजिश के दौरान मुंबई एयरपोर्ट को टारगेट में शामिल न किए जाने पर मेजर इकबाल ने आपत्ति जताई थी.

उसने कहा, मुंबई एयरपोर्ट और दूसरी लोकेशन को मैंने जीपीएस प्वाइंट्स के जरिए अपने सैटेलाइट फोन में नोट किया था जिसे लश्कर के ऑपरेटर साजिद मीर ने बाद में अपने लैपटॉप में डाउनलोड कर लिया था, ताकि सभी टारगेट की दूरियों की सही जानकारी रहे.

हेडली ने बताया कि हमले के लिए उसने मुंबई एयरपोर्ट की भी रेकी की थी। लेकिन मेजर इकबाल इस बात को लेकर काफी नाखुश दिखाई दिए थे कि उसे आतंकियों के टारगेट में शामिल नहीं किया गया था। उसकी निगाह में यह एक सही आइडिया नहीं था। 9-15 अप्रेल 2008 में अपनी पाकिस्तान वापसी के दौरान उसने साजिद मीर और मेजर इकबाल से मुलाकात की और उन्हें आतंकियों के टारगेट बनाने वाली जगहों की वीडियो भी दिखाई। अप्रेल और जून 2008 में भी दो बार वह पाकिस्तान गया था। इसी दौरान उसने न्यूयार्क और फिलाडेलफिया भी गया था। इस दौरान उसने तहव्वुर राणा से फोन पर बात भी की थी और अपने मुंबई दौरे की पर हमले वाली जगहों की जानकारी उसे दी थी।

स्पेशल कोर्ट ने हेडली से अमेरिकी कोर्ट में हुई सुनवाई के दस्तावेज न देखकर, याददाश्त के आधार पर जानकारी देने को कहा. कोर्ट ने हेडली से कहा कि वह याददाश्त के आधार पर बयान दे, जहां परेशानी होगी उसे अमेरिकी कोर्ट के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे. इसके जवाब में हेडली ने कहा कि मामला बहुत लंबा ना खिंचे इसके लिए उसे सब कुछ सही से बताना होगा. घटनाएं 8 से 10 साल पुरानी हैं ऐसे में याददाश्त के सहारे जवाब देना मुश्किल है.
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