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कोई सरकारी मोबाइल फोन नहीं है, चाय के पैसे भी जेब से देते है मोदी

 Special News Coverage |  19 Dec 2015 9:32 AM GMT

कोई सरकारी मोबाइल फोन नहीं है, चाय के पैसे भी जेब से देते है मोदी
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PM Narendra Modi
नई दिल्लीः क्या आप सप्ताह में कम से कम एक छुट्टी भी नहीं लेते, निश्चित ही लेते होंगे। लेकिन ताज्जुब है कि पिछले साल
26 मई को प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठने के बाद से नरेंद्र मोदी ने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली है। इतना ही नहीं, वह दिन में चौबीसों घंटे काम में लगे रहते हैं।

इन बातों का खुलासा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सूचना का अधिकार (आर.टी.आई.) के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में किया है।

आरटीआई के तहत पूछा गया था कि पिछले 10 साल के कार्यकाल में बने प्रधानमंत्रियों ने कितने दिन के आकस्मिक अवकाश और कितने दिन के रुग्णावकाश लिए हैं लेकिन पीएमओ से मिले जवाब में मोदी के बारे में ही बताया गया। जवाब में कहा गया कि मोदी ने अभी तक किसी तरह की छुट्टी नहीं ली है। यह भी पूछा गया था कि मोदी का काम करने का कोई खास वक्त है तो जवाब आया कि वह हर वक्त काम पर रहते हैं।


18 महीनों में प्रधानमंत्री
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 18 महीनों में प्रधानमंत्री ने 18 विदेश यात्रा की हैं और 89 दिन तक वह देश से बाहर रहे हैं लेकिन देश में उनकी यात्रा केवल एक दिन की होती है। 26 मई 2014 से 26 अक्तूबर 2015 के बीच प्रधानमंत्री ने 10 घरेलू यात्रा की हैं, जिनमें 11 दिन खर्च हुए हैं। इस तरह डेढ़ साल में वह 100 दिन यात्रा पर ही रहे हैं।


खुद सँभालते है ट्विटर और फेसबुक
एक अन्य सवाल के जवाब में पीएमओ ने बताया कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले मोदी निजी ट्विटर और फेसबुक खाते खुद ही चलाते हैं लेकिन उनके आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पीएमओ देखता है। यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक खाते कौन से अधिकारी संभालते हैं, उन्हें कितना वेतन मिलता है। जवाब मिला कि कोई खास अधिकारी नहीं है और विभिन्न अधिकारी उन खातों को अपडेट करते हैं। लेकिन पीएमओ ने यह नहीं बताया कि जापानी, चीनी, रूसी और कोरियाई जैसी विदेशी भाषाओं में ट्वीट करने में मोदी की मदद कौन करता है।


मोदी के पास कोई सरकारी मोबाइल फोन नहीं
एक जवाब में पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री और उनके अधिकारी 34 एमबीपीएस रफ्तार वाला इंटरनेट और वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि प्रधानमंत्री को सरकारी मोबाइल फोन मिला है तो आप गलत हैं। पीएमओ के मुताबिक मोदी के पास कोई सरकारी मोबाइल फोन नहीं है लेकिन उनका इंटरनैट का खर्च उनके फोन बिल का हिस्सा है और उसका अलग से ब्योरा नहीं रखा जाता।


रसोई के खर्च प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत खर्च

आरटीआई के तहत यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री के लिए जो रसोई गैस, सब्जियां और मसाले इस्तेमाल होते हैं, उन पर कितना खर्च होता है। जवाब में पीएमओ ने कहा, 'रसोई के खर्च प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत खर्च होते हैं और वे सरकार के खाते से नहीं चढ़ाए जाते।' एक प्रश्न में यह भी पूछा गया कि मोदी के स्नातक में कितने प्रतिशत अंक आए थे। इस पर जवाब मिला कि यह जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं रखी जाती लेकिन यह जरूर बताया गया कि प्रधानमंत्री ने राजनीति शास्त्र में एमए किया है।

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