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CBI रेड: बौखलाए केजरीवाल बोले- मेरे तो शब्द खराब, मोदी के तो करम फूटे हैं

 Special News Coverage |  15 Dec 2015 1:07 PM GMT

CBI Raid Arvind Kejriwal Attacks PM Modi


नई दिल्ली : अपने प्रधान सचिव के दफ्तर में सीबीआई की छापेमारी को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाक का सवाल बना लिया है। मंगलवार दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'कायर' बुलाने वाले सीएम ने शाम ढलते-ढलते कहा कि पीएम के कर्म फूट गए हैं ओर उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई छापेमारी कर मुख्यमंत्री की फाइलों को जब्त करना चाहती है।

मंगलवार शाम आक्रामक तेवरों के साथ अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपने प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार का बचाव किया। केजरीवाल ने सीबीआई की दलीलों को झूठा करार देते हुए कहा, 'सीबीआई और ऐसे टूटपुंजियों से दूसरे लोग डर जाएंगे, अरविंद केजरीवाल डरने वाला नहीं है।'


केजरीवाल ने कहा कि, सीबीआई मेरे दफ्तर में क्यों आई? मैं बताता हूं। वहां डीडीसीए की फाइल है। उसमें अरुण जेटली फंस रहे हैं। जेटली लंबे समय से डीडीसीए के प्रेसिडेंट हैं। जेटली के रहते डीडीसीए में बहुत गड़बड़ियां हुई हैं। मैंने उस पर जांच कमिशन बैठाया था, उसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। उस मामले में अब कमिशन ऑफ इन्क्वायरी होने वाली है। सीबीआई उस फाइल को ढूंढने आई थी।


दिल्ली के सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजेंद्र कुमार तो बहाना है केजरीवाल निशाना है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ललकारते हुए कहा, उन्हें पता नहीं है कि मैं किस मिट्टी का बना हूं मैं इन धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। इस छापेमारी से मुझे बहुत हैरानी हो रही है। अगर राजेंद्र कुमार ने किसी को लाभ पुहंचाने की कोशिश की तो इसके लिए संबंधित विभागें में भी छापेमारी की जानी चाहिए। उन पर आरोप लगा कि वैट विभाग में रहते हुए उन्होंने फायदा पहुंचाया, तो वैट विभाग में छापे क्यों नहीं मारे गये। आईटी विभाग में भी काम करते हुए लाभ पहुंचाने का आरोप लगा लेकिन वहां भी छापे नहीं मारे। सीबीआई 2007 के मामले की जांच कर रही है तो मुख्यमंत्री के दफ्तर के अंदर छापा क्यों? यहां तो पुरानी फाइलें होती नहीं। मुख्यमंत्री हस्ताक्षर करके संबंधित विभाग में भेज देता है।

केजरीवाल ने कहा कि अगर राजेंद्र कुमार ने ठेके बांटे भी तो उन फाइल पर छोटे कर्मचारी से लेकर मंत्री तक के दस्तखत होते हैं। उस दौरान शीला की सरकार थी और उनके मंत्री थे। उन मंत्रियों के यहां छापे क्यों नहीं मारे गए। सीबीआई बताए कि उनकी शीला के मंत्रियों से क्या दोस्ती है।

केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने उनके दफ्तर की एक-एक फाइल उठा कर देखी है। उन्होंने कहा कि करप्शन के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं कर सकता हूं। अगर मेरा बेटा भी करप्शन करेगा तो उसे सजा दूंगा।



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