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भारत यात्रा अब भुवनेश्‍वर, पुणे, रामगढ़ और सिलिगुड़ी में

 अनिल पाण्डेय |  2017-09-27 04:00:53.0  |  दिल्ली

भारत यात्रा अब  भुवनेश्‍वर, पुणे, रामगढ़ और सिलिगुड़ी में

पुणे की मुख्‍य यात्रा के अलावा मंगलवार को भुवनेश्‍वर,रामगढ और सिलिगुड़ी में समानांतर यात्राओं का आयोजन किया गया। समानांतर यात्राओं को भी स्‍थानीय लोगों और बाल हिंसा के शिकार पीड़ितों का जबरदस्त समर्थन मिला।

भुवनेश्‍वर के कलिंग स्‍टेडियम में नोबेल शांति पुरस्‍कार विजेता श्री कैलाश सत्‍यार्थी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्‍होंने बाल हिंसा की महामारी को दूर करने का प्रण लिया है और जब तक यह महामारी दूर नहीं हो जाती तब तक वे मैदान नहीं छोड़ने वाले। भारत यात्रा के महत्‍व पर प्रकाश डालते हुए उन्‍होंने कहा कि यह यात्रा देश के एक करोड़ लोगों को बाल अधिकारों को प्राप्‍त करने की दिशा में जागरुक करेगी। और फिर ये एक करोड़ लोग पूरे देश को बाल हिंसा के दुष्‍परिणामों से अवगत कराने का काम करेंगे। उन्‍होंने इस अवसर पर ओडिशा की जनता से भारत यात्रा से जुड़ने की अपील भी की।
जनसभा को कई गणमान्‍य मंत्रियों ने भी संबोधित किया। मंत्रियों में प्रमुख थे- वित्‍त एवं उत्‍पाद मंत्री शशिभूषण बेहेरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री प्रफुल्‍ल समल,उच्‍च शिक्षा मंत्री श्री अनंत दास, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री श्री चंद्र सारथी बेहेरा। यहां भुवनेश्‍वर लोकसभा के सांसद श्री प्रसन्‍ना पटसानी और राज्‍यसभा सांसद श्री एवी स्‍वामी भी मौजूद थे। विधायक श्री प्रियदर्शी मिश्रा ने भी मंच की गरिमा बढाई। इन सभी वक्‍ताओं ने सुरक्षित बचपन के लिए सुरक्षित भारत बनाने की जरूरत पर बल दिया और वादा किया कि भारत यात्रा को ओडिशा सरकार की ओर से हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी।
नोबेल विजेता श्री कैलाश सत्‍यार्थी का भुवनेश्‍वर के बीजू पटनायक हवाई अड्डे पहुंचने पर ओडिशा के सांस्कृतिक समूहों और नागरिक स्‍वागत समिति के सदस्‍यों ने भव्‍य स्‍वागत किया। बीजू पटनायक हवाई अड्डे से नोबेल विजेता का कारवां सीधे स्‍टेट गेस्‍ट हाउस पहुंचा, जहां से थोड़ी देर के बाद यह कारवां ओडिशा में भारत यात्रा के शुभारंभ के सिलसिले में जनता मैदान पहुंच गया। जनता मैदान में नोबेल विजेता ने बच्‍चों की टीम और राज्‍य के अनेक सांसदों और विधायकों के साथ भारत यात्रा का शुभारंभ किया।
उधर पुणे में मुख्‍य भारत यात्रा की टीम का जैसे ही आगमन हुआ स्‍थानीय आयोजन समिति के सदस्‍यों ने उनका भव्य स्‍वागत किया। सुबह कार्यक्रम की शुरुआत एक रैली से हुई, जो पुणे के बनवारी चौक से गोल चक्‍कर तक पहुंची। रैली में स्‍थानीय लोगों, स्‍कूली बच्‍चों, शिक्षकों (कल्‍याणी और वात्‍सल्‍य स्‍कूल), युवाओं, महिलाओं और मुख्‍य यात्रियों ने बड़े ही उत्‍साह के साथ भाग लिया।

रैली के बाद कल्‍याणी स्‍कूल के प्रांगण में कैलाश सत्‍यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ) के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री राहुल स्रावत और निदेशक श्री भुवन रिभू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वीर मराठाओं की धरती पर बाल हिंसा की घटनाएं इतनी बड़ी संख्‍या में घटेंगी, पढ़कर-सुनकर विश्‍वास नहीं होता। दोनों वक्‍ताओं ने पिछले साल अकेले महाराष्‍ट्र में 11,000 से अधिक बाल दुर्व्‍यापार के मामलों के सामने आने पर दुख जताया और कहा कि यहां बचपन को सुरक्षित करने की सबसे ज्‍यादा दरकार है। उन्‍होंने लोगों से भारत यात्रा से जुड़ने का आह्वान किया और कहा कि अगर देश को सुरक्षित करना है, तो सबसे पहले यहां के बच्‍चों को सुरक्षित कीजिए। यहां लोगों को "सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत" बनाने की शपथ भी दिलाई गई। सभा को कल्‍याणी स्‍कूल की प्रिंसिपल मिसेज निर्मल और निदेशक श्रीमती दीक्षा कल्‍याणी ने भी संबोधित किया। दोनों वक्‍ताओं ने भारत यात्रा को हरसंभव मदद करने का आश्‍वासन दिया।
उधर रामगढ़ (झारखंड) के गुरुनानक सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्‍यक्ष श्रीमती आरती कुजूर ने बाल अधिकारों की प्राप्ति की दिशा में सभी से एकजुट होने की अपील की। उन्‍होंने यहां माता-पिताओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्‍चों के साथ दोस्‍ताना रवैया अपनाएं, तभी उन्‍हें पता चल पाएगा कि उनके बच्‍चों के मन में क्‍या चल रहा है?

श्रीमती कुजूर ने सुरक्षित बचपन सुरक्षित भारत बनाने की दिशा में इसे एक महत्‍वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) श्री सत्‍यप्रकाश ने कहा कि बाल हिंसा को रोकने की दिशा में नोबेल विजेता श्री कैलाश सत्‍यार्थी एक प्रेरणास्रोत के तौर पर काम करते हैं। उन्‍होंने इस अवसर पर बच्‍चों के हितों के लिए प्रतिबद्ध होकर काम करने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि बाल हिंसा को रोकने से संबंधित सारे कानूनों का वे एक पुलिस अधिकारी की हैसियत से अनुपालन करेंगे। सभा को एसडीएम आनंद कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कई अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्तियों की भी उपस्थिति मंच पर बनी रही। यहां एक रैली निकाली गई, जिसमें रामगढ़ के स्‍कूल के बच्‍चों,स्‍थानीय लोगों, युवा, महिलाओं ने प्रमुखता से भाग लिया। यहां नुक्‍कड़ नाटक सहित कई अन्‍य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में भारत यात्रा की टीम का सीआईआई और यंग इंडियन्‍स जैसी संस्‍थाओं ने भव्‍य स्‍वागत किया। सिलिगुड़ी के प्रयास स्‍कूल में एक जनसभा का आयोजन किया गया,जिसको कैलाश सत्‍यार्थी चिल्‍ड्रेन्‍स फाउंडेशन की सम्‍पूर्णा बोहरा और स्‍थानीय आयोजन समिति के सर्वश्री हेमंत अग्रवाल, विक्रम खांडोई और राजीव चक्रवर्ती ने संबोधित किया। उन्‍होंने भारत यात्रा को एक जन आंदोलन बताते हुए लोगों से भारत यात्रा से जुड़ने का आह्वान किया। "सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत" बनाने की यहां शपथ भी दिलाई गई। इस कार्यक्रम में भारी संख्‍या में स्‍थानीय लोगों, युवाओं, बच्‍चों और महिलाओं ने भाग लिया। सिलिगुड़ी में बुधवार को एक लम्‍बी रैली के साथ ही अनेक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
कन्‍याकुमारी से 11 सितंबर, 2017 को शुरू हुई भारत यात्रा 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरते हुए 11,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। 16 अक्टूबर को इसका समापन दिल्ली में होगा। कन्याकुमारी से शुरू होने वाली मुख्य यात्रा के समानांतर 6 और यात्राएं भी इसके साथ होंगी जो देश के छह अलग-अलग हिस्सों से शुरू होकर मुख्य यात्रा में मिल जाएंगी। ये समानांतर यात्राएं श्रीनगर, गुवाहाटी, चैन्नई, भुवनेश्वर, कोलकाता और अहमदाबाद से शुरू होंगी। इस यात्रा के जरिए 1 करोड़ लोगों से सीधे सम्पर्क का लक्ष्‍य रखा गया है।

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