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कौन होगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह नही कर पा रहे फैसला

अभी तक जो नाम आ रहे है उसमें जेपी नड्डा का है।

 Sujeet Kumar Gupta |  5 Jun 2019 8:13 AM GMT  |  नई दिल्ली

कौन होगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह नही कर पा रहे फैसला

नई दिल्ली। राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह जिस तरह लोकसभा चुनाव में अपनी निती से कई राज्यों में भाजपा की रणनीति बनाने में कामयाब रहे। उससे लगता है कि शाह को अभी भाजपा के अध्यक्ष पद पर रहना चाहिए। लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के केंद्र सरकार में गृह मंत्री बन जाने के बाद पार्टी में नए अध्यक्ष की तलाश में जोर पर मंथन चल रहा है।भाजपा पार्टी दो विकल्पों पर विचार कर रही है कि संगठन चुनावों की प्रक्रिया पूरी कर नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाए और तब तक शाह ही अध्यक्ष बने रहें। दूसरा यह कि फिलहाल नए अंतरिम या कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति कर संगठन चुनावों की प्रक्रिया पूरी कर नया अध्यक्ष चुना जाए।

हालांकि अभी तक जो नाम आ रहे है उसमें जेपी नड्डा का है। जो हिमाचल प्रदेश के ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उन पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व को काफी विश्वास है। उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी रहा है और उनकी छवि साफ सुथरी मानी जाती है। वह मोदी की अगुवाई वाली पहली राजग सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। इसके अलावा पार्टी महासचिव भूपेन्द्र यादव और ओपी माथुर के नाम पर भी चर्चा है।भाजपा का जो भी नया अध्यक्ष होगा, उसको कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। पहले तो नए अध्यक्ष पर इसी साल होने वाले तीन राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में चुनाव होने हैं। इन तीनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है और नए अध्यक्ष के सामने इन राज्यों में पार्टी की पिछली परफॉर्मेंस को बनाए रखने का दबाव होगा।

भाजपा के कानून के मुताबिक पार्टी में कोई भी व्यक्ति तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल तक अध्यक्ष रह सकता है। हालांकि तीन साल के एक कार्यकाल के बाद उसका दोबारा निर्वाचन किया जाएगा। शाह का पहला कार्यकाल पूरा हो चुका है और पार्टी ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए चुनावों को टाल दिया था। ऐसे में एक व्यक्ति एक पद की पंरपरा के मुताबिक शाह दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे। हालांकि नए अध्यक्ष के चुनाव तक वह सरकार व संगठन दोनों की जिम्मेदारियां संभालते रह सकते हैं।

आपको बतादें कि जब से शाह कैबिनट में चले गये है वहा भी अपनी अलग ही रणनिती बना रहे है। हर रोज मिटिंग पर मिटिंग कर रहे है। जिस तरह जनता ने मोदी शरकार पर भरोसा किया है उसको अमली जामा पहनाने के लिए वो तत्पर दिख रहे है।


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