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2 अक्टूबर 2018 : दिन भर की 5 बड़ी खबरों का पोस्टमार्टम, देखिए- LIVE Video

सबसे बड़ी ख़बर - पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने सूबे की योगी केंद्र की मोदी सरकार को घुटनों पर ला दिया है?

 Arun Mishra |  2 Oct 2018 1:15 PM GMT  |  दिल्ली

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1. अंतर-राष्ट्रीय अंहिसा दिवस पर किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस दोनों ने हिंसात्मक तरीक़ो का इसत्माल करके अहिंसा दिवस का अपमान किया है. किसानों पर गोली चलाकर यूपी की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकरा ने साबित कर दिया है कि वो अंग्रेज़ों के कम क्रूर नहीं हैं। आज राषट्रपिता महात्मा गांधी और "जय जवान, जय किसान" का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आत्मा रो रही होगी। रोए भी क्यों न। देश की सरहद पर जवान गोली खा रहें हैं और प्रदेश की सरहद पर किसान।

2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने सूबे की योगी केंद्र की मोदी सरकार को घुटनों पर ला दिया। दोनों सरकारों ने किसानों की 7 मांगे मांगें मांगने का ऐलान किया है लेकिन किसानों के नेता राकेश टिकैत ने सरकार का प्रस्ताव ठुकरा कर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इससे पहले किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए लाठी चली, आंयू गैसे के गोले छोड़े गए। गोली भी चली। कई किसान घायल हुए। मुज़फ्फर नगर के बिट्टू त्यागी और टप्पल के सुलखान सिंह फौजदार को पैर में गोली लगी है।

3. पीएम नरेंद्र मोदी ने आज दुनिया को साफ करने का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए चार पी ज़रूरी हैं। ये चार पी हैः राजनीतिक नेतृत्व (Political Leadership), जनता से चंदा (Public Funding), साझेदारी (Partnerships), लोगों का सहयोग (People's participation) जरूरी है। मोदी ने महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन में यह बात कही है। यह सम्मेलन पिछले चार दिन से दिल्ली में चल रहा था। मोदी ने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ते हुए गांधी जी ने एक बार स्वतंत्रता और स्वच्छता में से स्वच्छता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। साल 1945 में प्रकाशित उनके 'रचनात्मक कार्यक्रम' में ग्रामीण स्वच्छता अहम हिस्सा थी।

4. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद सखनऊ में पुलिस की गोली से मारे गए विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी के बदले सुर की वजह से सोशल मीडिया पर उऩकी खूब खिंचाई हो रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने कल्पना तिवारी, उऩके बच्चे और सास के लिए मुआवज़े की रक़म पांच-पांच लाख बढ़ा दी है। इसके अलावा कल्पना तिवारी को लखनऊ नगर निगम में पीआरओ के पद पर नियुक्ति देने का भरोसा दिया था। इस मुलाक़ात के बाद कल्पना तिवारी ने योगी सरकार पर भरोसा बढ़ने की बात कही थी। अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि खाते मे रक़म बढ़ते ही सरकार पर उनका भरोसा बढ़ गया है।

5. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कल्पना तिवारी को अपने घर बुलाकर मिलने के बाद उन पर अलीगढ़ में फर्जी मुठभेड़ में मारे गए नौशाद और मुस्तकीम के घर वालों से मिलने और उनके परिवार वालों को भी उचित मुआवज़ा देने का दबाव बनने लगा है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि जब उमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा कल्पना तिवारी को मुख्यमंत्री से मिलवा कर उसकी शिकायत दूर कर सकते हैं तो केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी और यूपी में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रज़ा अलीगढ़ के फर्जी एनकाउंचर में मारे गए नौशाद और मुस्तक़ीम के घर वालों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से क्यों नहीं मिलवा सकते।


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