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राजीव गांधी और सोनिया की यहां हुई थी पहली मुलाकात, फिर कुछ इस तरह शुरू हुई लव स्टोरी!

राजीव गांधी देश के छठवें और सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। राजीव सिर्फ 40 वर्ष की उम्र में पीएम बन गए थे।

 Arun Mishra |  20 Aug 2018 5:03 AM GMT  |  दिल्ली

राजीव गांधी और सोनिया की यहां हुई थी पहली मुलाकात, फिर कुछ इस तरह शुरू हुई लव स्टोरी!
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नई दिल्ली : दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजीव गांधी देश के छठवें और सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। राजीव सिर्फ 40 वर्ष की उम्र में पीएम बन गए थे। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। 21 मई 1991 को आम चुनाव में प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक भयंकर बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजीव गांधी की मौत एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी जिसपर अभी भी विवाद बना हुआ है। उनके हत्याकांड में शामिल आरोपी जेल में बंद हैं जिनकी रिहाई को लेकर समय-समय पर राजनीति होती रही है।आज वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका विजन हम सबको आज भी प्रेरणा देता है।

राजीव गांधी की कभी राजनीति में आने की दिलचस्पी नहीं थी। राजनीति में आने से पहले वो एक एयरलाइन में पाइलट की नौकरी करते थे। आपातकाल के बाद जब इन्दिरा गांधी को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, तब कुछ समय के लिए राजीव परिवार के साथ विदेश में रहने चले गए थे। लेकिन 1980 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज दुर्घटना में मौत के बाद मां इंदिरा को सहयोग देने के लिए उन्हें साल 1982 में राजनीति में उतरना पड़ा।




वो अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने और 31 अक्टूबर 1984 को मां इंदिरा गांधी की हत्या किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की पूरी बागडोर उन्हीं के कंधों पर डाल दी। 1981 में हुए आम चुनावों में सबसे अधिक बहुमत पाकर प्रधानमंत्री बने रहे।

राजीव गांधी हमारे देश के एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किए जाते हैं, जिन्होंने लोकसभा के चुनाव में अपनी राजनीतिक कुशलता और रणनीति के साथ साथ सहानुभूति की लहर में लोकसभा की अब तक के इतिहास में सर्वाधिक 414 सीटें जीती थीं जितना आज तक कोई भी दल या प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार अपने दल के लिए जीत कर नहीं ला सका है। इसके अलावा राजीव गांधी ने तमाम ऐसे कार्य किए हैं जिनको लोग आज भी याद करते हैं।




सोनिया के करीब कैसे आये राजीव गांधी-

राजीव गांधी की सोनिया को पहली बार कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में देखा था। यही पर मौजूद एक ग्रीक रेस्टोरेंट से उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत हुई थी। राजीव के लिए ये पहली नजर का प्यार था। वह सोनिया को देखते ही उनके दीवाने हो गए थे। यही नहीं सोनिया के करीब आने के लिए उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक से ये भी आग्रह किया था कि वो उन्हें सोनिया के पास वाली सीट बैठने के लिए दे दें।

इस वाकये को बताते हुए रेस्टोरेंट के मालिक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब राजीव ने उससे सोनिया के पास वाली सीट मांगी थी तो मालिक ने उन्हें कह दिया था कि अगर आप चाहते हैं कि ऐसा हो तो आपको दोगुना भुगतान करना होगा। इस पर वह तुरंत तैयार हो गए थे।




राजीव ने उसी दिन रेस्टोरेंट में ही एक पेपर नैपकिन पर सोनिया के लिए एक कविता लिखी और वहां की सबसे महंगी वाइन की बॉटल के साथ सोनिया को भेज दी। सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में राजीव ने कहा भी था कि, 'सोनिया को पहली बार देखकर ही मैं समझ गया था कि यही वो लड़की है जो मेरे लिए बनी है। वो बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड और आउटस्पोकन है। वह कभी कुछ नहीं छुपाती। वो काफी मिलनसार हैं।'

​खास बात तो यह है कि राजीव ने इसी दिन सोनिया से अपनी दिल की बात बोल दी इसके बाद दोनों की मुलकातो का सिलसिला जारी हो गया जो करीब तीन साल तक चला। इसके बाद वर्ष 1969 में सोनिया और राजीव गांधी की शादी पक्की हो गई और शादी के बाद सोनिया गांधी को 1983 में भारत की नागरिकता मिली।

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