Top
Home > राष्ट्रीय > राफेल पर बड़ा खुलासा : फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का दावा, मोदी सरकार ने दिया था रिलायंस का नाम!

राफेल पर बड़ा खुलासा : फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का दावा, मोदी सरकार ने दिया था रिलायंस का नाम!

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया है कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था?

 Special Coverage News |  21 Sep 2018 5:27 PM GMT  |  दिल्ली

राफेल पर बड़ा खुलासा : फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का दावा, मोदी सरकार ने दिया था रिलायंस का नाम!
x

नई दिल्ली : देश में राफेल पर छिड़े विवाद के बीच एक नया मोड़ आ गया है। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया है कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और दैसॉ एविएशन कंपनी के पास दूसरा विकल्प नहीं था।

फ्रांस की एक पत्रिका में छपे इंटरव्यू के मुताबिक ओलांद ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से ही रिलायंस का नाम दिया गया था। इसे चुनने में दैसॉ एविएशन की भूमिका नहीं है। ओलांद ने कहा, 'भारत की सरकार ने जिस सर्विस ग्रुप का नाम दिया, उससे दैसॉ ने बातचीत की। दैसॉ ने अनिल अंबानी से संपर्क किया। हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। हमें जो वार्ताकार दिया गया, हमने स्वीकार किया।'

ओलांद की यह बात सरकार के दावे को खारिज करती है जिसमें कहा गया था कि दैसॉ और रिलायंस के बीच समझौता एक कमर्शल पैक्ट था जो कि दो प्राइवेट फर्म के बीच हुआ। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।

इसके बाद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा दिए गए बयान वाली रिपोर्ट की पुष्टि की जा रही है। उसकी ओर से कहा गया है कि व्यवसायिक मामले में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है. पार्टनर चुनने में न तो भारत सरकार और न ही फ्रांस सरकार की कोई भूमिका थी।'

बता दें कि कांग्रेस इस बात को लेकर सरकार को घेरती रही है कि इस डील में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को क्यों नहीं शामिल किया गया। इसपर वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री सीतारमण ने जवाब दिया कि यह समझौता दो प्राइवेट कंपनियों के बीच हुआ था। इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं था।

एचएएल के पूर्व प्रमुख टी सुवर्णा राजू ने कहा था कि HAL लड़ाकू विमान बना सकती है। रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा कि विमान बनाने वाली सरकारी कंपनी इस विमान को बनाने में तकनीकी रूप से कई मामलों में सक्षम नहीं है। टीएस राजू का कहना है कि फ्रांस की कंपनी को विमान बनाने का ठेका इसलिए दिया गया ताकि वह इसे सस्ते में बनाकर दे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर राफेल मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था। विपक्षी दल ने हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व प्रमुख टी सुवर्णा राजू के बयान का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगा था।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर, Telegram पर फॉलो करे...
Next Story
Share it