
PM मोदी ने लॉन्च किया रोजगार मेला, 75 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपकर बोले- 'देश में कार्य संस्कृति बदल रही है'

Rojgar Mela: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने आज 10 लाख लोगों की भर्ती के अभियान 'रोजगार मेले' (Rozgar Mela) की शुरुआत की. इस रोजगार मेले का मकसद देशभर में 10 लाख सरकारी पदों पर अगले एक साल में भर्ती किया जाना है. इसके तहत हर महीने 75,000 से ज्यादा पात्र लोगों की भर्ती की जाएगी. इस रोजगार मेले में पहले चरण की 75,000 भर्तियां हो चुकी हैं.
पीएम मोदी ने 10 साल पहले के हालात की चर्चा की और कहा कि आज सरकारी तंत्र में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने ये भी कहा कि देश में कार्य संस्कृति बदल रही है. उन्होंने स्किल इंडिया अभियान के तहत एक करोड़ से अधिक युवाओं को स्किल्ड बनाए जाने की जानकारी दी और ये स्वयंसहायता समूल, खादी की रोजगार देने में भूमिका की भी चर्चा की. पीएम मोदी ने इनके नियुक्ति पत्र देकर आज इस मेले की शुरुआत की. रोजगार मेले के तहत विभिन्न सरकारी एजेंसियां जैसे कि SSC, UPSC, Railway इत्यादि समयबद्ध तरीके से इन भर्तियों को पूरा करेंगी.
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दस लाख लोगों की भर्ती के लिए शुरू किया गया 'रोजगार मेला' पिछले आठ वर्षों में रोजगार, स्वरोजगार के लिए सरकार के प्रयासों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार 75 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रही है, बीते 8 वर्षों में पहले भी लाखों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
हर क्षेत्र में कर रहा है देश तरक्की
भारतीय अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आज भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। 7-8 साल के भीतर हमने 10वें नंबर से 5वे नंबर तक की छलांग लगाई है। ये इसलिए संभव हो पा रहा है, क्योंकि बीते 8 वर्षों में हमने देश की अर्थव्यवस्था की उन कमियों को दूर किया है, जो रुकावटें पैदा करती थीं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' के तहत देश के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग देने का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। इसके तहत अभी तक सवा करोड़ से अधिक युवाओं को स्किल इंडिया अभियान की मदद से ट्रेन किया जा चुका है। गांवों में बड़ी संख्या में रोजगार निर्माण का एक और उदाहरण, हमारी खादी और ग्रामोद्योग है। देश में पहली बार खादी और ग्रामोद्योग, एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का हो चुका है। इन वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग में एक करोड़ से अधिक रोजगार बने हैं। इसमें भी बड़ी संख्या में हमारी बहनों की हिस्सेदारी है।'