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देश का एक तबका देता रहा गालियाँ, उधर विश्व का सबसे बड़ा ख़िताब कर लिया हासिल!

 Special Coverage News |  2 Aug 2019 7:00 AM GMT  |  दिल्ली

देश का एक तबका देता रहा गालियाँ, उधर विश्व का सबसे बड़ा ख़िताब कर लिया हासिल!

सच कहने का साहस और आलोचना के विवेक की मशाल को जिंदा रखने वाले पत्रकार रवीश कुमार को रमन मैग्सेसे पुरस्कार मिलने पर बधाई.मैं उनके धैर्य का आदर करती हूँ. यह बात प्रियंका गाँधी ने देश के जाने माने पत्रकार रवीश कुमार को लेकर कही.

वहीँ बसपा मुखिया मायावती ने एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर व देश के जान-माने पत्रकार रवीश कुमार को सन 2019 का रेमान मैगसेसे एवार्ड से सम्मानित होने पर बधाई. उम्मीद है कि देश का मीडिया जगत जनभावना के अनुरूप लोकतंत्र के चौथे स्तंभ होने की अपनी जिम्मेदारी निर्भीकता के साथ निभाकर देश व संविधान की सेवा करता रहेगा.

Om Thanvi : शानदार ख़बर है। बुलंद और संजीदा पत्रकार रवीश कुमार को एशिया का नोबेल माना जाने वाला रमोन मग्सेसाय अवार्ड मिला है। ढेर बधाइयाँ। उन्हें भी। आप-हमको भी। वे गौरकिशोर घोष, बीजी वर्गीज़, पी साईनाथ जैसे दिग्गजों की पाँत में प्रतिष्ठित हुए। वाजिब ही। उन जैसे निर्भीक-बेधड़क पत्रकार आज देश में हैं कहाँ!

कल रात ही उनसे बात हुई थी। अमेरिका से स्वदेश लौटे। और सुबह ही देश का, मीडिया का नाम और नाक ऊपर करने वाली ख़बर मिली। आततायी चेहरों को औक़ात दिखाते कितने सुकून की वर्षा हुई है।

Soumitra Roy : वे बहुत सवाल करते हैं। इसीलिए सत्ता उन्हें कई नाम से जानती है। भक्तों की आंख का कांटा हैं। ब्लॉग से लेकर सोशल मीडिया पर लिखी हर पोस्ट पर पड़ने वाली सैंकड़ों गालियां। फिर भी पक्ष-विपक्ष दोनों उन्हें रोज पढ़ने-सुनने पर मजबूर हो ही जाता है।

ये हैं Ravish Kumar. रविश ने लाख विरोधों और सत्ता के दबाव के बाद भी टीवी पत्रकारिता में विपक्ष की उसी भूमिका को बनाये रखा है, जो असल में एक पत्रकार की वास्तविक भूमिका होती है।


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