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पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को टीएमसी ने बनाया उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यसमिति में भी किया शामिल

यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त और विदेश मंत्री थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को टीएमसी ने बनाया उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यसमिति में भी किया शामिल
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पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा को पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा उन्हें नेशनल वर्किंग कमिटी में भी शामिल किया गया है। शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री टीएमसी में शामिल हुए थे और पार्टी मुखिया ममता बनर्जी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें रियल फाइटर बताया था। यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त और विदेश मंत्री थे। शनिवार को कोलकाता स्थित टीएमसी दफ्तर पहुंच यशवंत सिन्हा ने पार्टी जॉइन की थी। ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल होने के मौके पर यशवंत सिन्हा ने कहा था कि दीदी पर हुए हमले के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि अब टीएमसी में जाएंगे। हालांकि चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी पर हमले की बात को खारिज किया है।

टीएमसी में शामिल होने के दौरान यशवंत सिन्हा ने कहा था कि अब बीजेपी के पास बचा ही कौन है। गठबंधन के तमाम सहयोगी दल बीजेपी को छोड़ चुके हैं। यशवंत सिन्हा ने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि वह रियल फाइटर हैं। यहां तक कि कंधार विमान अपहरण कांड के दौरान उन्होंने खुद को आतंकियों के समक्ष पेश करने की बात कही थी। यशवंत सिन्हा ने कहा था, 'विमान अपहरण कांड को लेकर मीटिंग चल रही थी और इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि मैं आतंकियों के समक्ष खुद को बंधक के तौर पर पेश कर दूंगी। शर्त बस इतनी होगी कि बंधक बनाए गए यात्रियों को आतंकी छोड़ दें।'

2018 में सिन्हा ने छोड़ दी थी बीजेपी: यशवंत सिन्हा 2014 के बाद से ही बीजेपी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। अकसर वह पार्टी नेतृत्व और केंद्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते रहते थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने बीजेपी छोड़ दी थी। तब से ही उनके किसी पार्टी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। अब पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले उन्होंने टीएमसी जॉइन की है। यशवंत सिन्हा को अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी नेताओं में शुमार किया जाता था। एक नौकरशाह से राजनेता बने यशवंत सिन्हा तीन दशकों तक बीजेपी में रहे थे।

Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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