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G-20 में इस बार क्यों मिली दूसरी कतार में मोदी को जगह, जानिये पूरा मामला

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 Special Coverage News |  2017-07-08 05:02:02.0  |  दिल्ली

G-20 में इस बार क्यों मिली दूसरी कतार में मोदी को जगह, जानिये पूरा मामला

हैम्बर्ग: जी-20 समिट में कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को फोटो सेशन हुआ। दुनिया के ताकतवर नेताओं के बीच नरेंद्र मोदी को दूसरी कतार में जगह मिली। उनके बाईं तरफ जापान के पीएम शिंजो अाबे और दाईं तरफ कनाडा के पीम जस्टिन ट्रुडो खड़े थे। फोटो को देखने पर लगता है जैसे डोनाल्ड ट्रम्प से ज्यादा शी जिनपिंग की अहमियत है। दोनों पहली कतार में नजर आए,लेकिन ट्रम्प को बाईं तरफ कतार के आखिर में जगह मिली। उनके नजदीक फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों थे।

आपको बता दें कि 2016 में चीन के हांगझोऊ शहर में हुए जी-20 समिट में मेजबान चीन ने भारत को तवज्जो देते हुए प्रोटोकॉल में बदलाव कर मोदी को पहली कतार में खड़ा किया था। इस बार जर्मनी ने प्रोटोकॉल में बदलाव नहीं किया। व्लादिमीर पुतिन के पास नजर आए जिनपिंग.

जी-20 की 12th समिट में 19 देशों के देशों के राष्ट्राध्यक्ष, यूरोपियन यूनियन के रिप्रेजेंटेटिव्स के अलावा आईएमएफ जैसे वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन के ऑफिशियल्स शामिल हुए। ग्रुप फोटोग्राफ्स में तीन कतारें थीं। पहली कतार में प्रेसिडेंट जबकि दूसरी कतार में प्रधानमंत्री थे।
पहली कतार में (बाएं से दाएं) प्रेसिडेंट राष्ट्राध्यक्ष
इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस), डोनाल्ड ट्रम्प (अमेरिका), जोको विडोडो (इंडोनेशिया), एनरिक पेना निएटो (मेक्सिको), जैकब जुमा (साउथ अफ्रीका), मॉरिशियो मैक्री (अर्जेंटीना), शी जिनपिंग (चीन), एंगेला मर्केल (जर्मनी), व्लादिमीर पुतिन (रूस), रिसेप तैयप एर्दोगन (तुर्की), माइकल ट्रेमर (ब्राजील), मून जे-इन (साउथ कोरिया)।
दूसरी कतार में (बाएं से दाएं) प्रधानमंत्री
पाओलो जेंटिलोनी (इटली), जस्टिन ट्रुडो (कनाडा), नरेंद्र मोदी (भारत), शिंजो अाबे (जापान‌), मैल्कम टर्नबुल (ऑस्ट्रेलिया), थेरेसा मे (ब्रिटेन)।
तीसरी कतार में
आईएमएफ डायरेक्टर और यूएन के सेक्रेटरी जनरल जैसे बड़े ऑर्गनाइजेशन्स के अधिकारी थे।
ट्रम्प को बाईं तरफ साइड में जगह मिली
जी-20 के ग्रुप फोटोग्राफ्स में नेताओं की सीनियरिटी को देखते हुए जगह दी जाती है। ट्रम्प को पहली कतार में बाईं तरफ साइड में जगह मिली। उनके पहले फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों थे।
फोटोग्राफ्स के लिए कतार में खड़े होने का क्या है नियम
प्रोटोकॉल के तहत राजा, राष्ट्रपति और मेजबान देश के प्रमुख पहली कतार में खड़े होते हैं। दूसरी कतार में प्रधानमंत्री और चांसलर रहते हैं। जर्मनी इस बार मेजबान है, इसलिए एंगेला मर्केल पहली कतार में थीं।
14 साल बाद 2016 में पहली कतार में नजर आया था भारत
चीन के हांगझोऊ में हुए जी-20 समिट में पहली लाइन में मोदी के साथ 13 नेता थे। इसमें 11 राष्ट्र प्रमुख भी थे। अगले मेजबान जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल और पिछले मेजबान देश तुर्की के राष्ट्रपति भी इसी लाइन में थे।
तब एक्सपर्ट्स ने कहा था कि चीन भारत को इमर्जिंग इकोनॉमिक पावर के तौर पर देखता है।
आपको बता दें कि 2002 में भारत में जी-20 समिट हुई थी। होस्ट होने के चलते भारत पहली कतार में शामिल था।
क्या है जी-20 समूह?
जी-20 का मतलब ग्रुप 20 से है। ये दुनिया के 20 ताकतवर देशों और यूरोपीय यूनियन (ईयू) देशों का समूह है। इसकी स्थापना 1999 में 7 देशों अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, फ्रांस और इटली के विदेश मंत्रियों ने की थी। लेकिन 2008 में फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद इस फोरम की अगुआई ग्रुप के देशों के शीर्ष नेताओं को दे दी गई।
इस ग्रुप का दुनिया की 85 फीसदी इकोनॉमी और 75 फीसदी व्यापार पर कंट्रोल है। अमेरिका, कनाडा, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, चीन और भारत समेत 20 देश हर साल समिट में मिलते हैं और दुनिया के आर्थिक हालात समेत कई मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
किस देश की कितनी है GDP और कितनी है आबादी?
1- फ्रांस: जीडीपी 2,420.4, आबादी 6.68 करोड़
2- अमेरिका: जीडीपी 19,417 आबादी 32.3 करोड़
3- इंडोनेशिया: जीडीपी 1,020.5, आबादी 25.8 करोड़
4- मेक्सिको: जीडीपी 987.30 आबादी 12.3 करोड़
5- दक्षिण अफ्रीका: जीडीपी 317.56, आबादी 5.43 करोड़
6- अर्जेंटीना: जीडीपी 628.93 आबादी 4.38 करोड़
7- जर्मनी: जीडीपी 3,423.2 आबादी 8.07 करोड़
8- चीन: जीडीपी 11,795, आबादी 138 करोड़
9- रूस: जीडीपी 1,560.7, आबादी 14.2 करोड़
10- तुर्की: जीडीपी 793.69, आबादी 8.02 करोड़
11- ब्राजील: जीडीपी 2,140.9, आबादी 20.58 करोड़
12- दक्षिण कोरिया: जीडीपी 1,498.1, आबादी 5.09 करोड़
13- भारत: जीडीपी 2,454.4, आबादी 126 करोड़
नोट: जीडीपी के परिणाम अरब में है।

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