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पीएम ने देश के सबसे लंबे पुल का किया उद्घाटन, कहा- पूर्वोत्तर में नई अर्थ क्रांति का आगाज़

आइये जानते हैं इस शानदार पुल की खासियतें..

 Arun Mishra |  2017-05-26 07:36:53.0  |  New Delhi

पीएम ने देश के सबसे लंबे पुल का किया उद्घाटन, कहा- पूर्वोत्तर में नई अर्थ क्रांति का आगाज़

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चीन सीमा के नजदीक ब्रह्मपुत्र नदी पर बने देश के सबसे लंबे धौला-सादिया पुल को देश को समर्पित कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी खुद पुल का जायजा लेने पैदल ही निकल पड़े। पीएम मोदी ने इस पुल का नाम विश्व प्रसिद्ध लोकगायक भूपेन हजारिका के नाम पर रखने का ऐलान किया। पुल के उद्गाटन के बाद पीएम मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरूआत उन्होंने असमिया से की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियां गिनाईं। पीएम मोदी ने लोगों से कहा, 'आप सब लोग अपने फोन का कैमरा ऑन कर लीजिए ताकि पता चले कि कितना बड़ा जश्न हो रहा है।' पीएम मोदी के इस आह्वान पर लोगों ने अपने मोबाइल फोन के फ्लैश जलाकर पुल के उद्घाटन का उत्सव मनाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि अरुणाचल के अदरक किसानों के लिए ये पुल नया रास्ता खोलेगा, पुल के माध्यम से अदरक का ग्लोबल मार्केट तैयार हो सकता है। इस पुल से रोजाना करीब 10 लाख रुपयों की बचत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पुल दो राज्यों के बीच विकास की कड़ी बनेगा। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने आज 26 मई को सत्ता में अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर मोदी सरकार ने देश को सबसे लंबे पुल के रूप में तोहफा दिया है।

इस 9.15 किलोमीटर लंबे पुल से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच यात्रा का समय छह घंटे से कम होकर एक घंटा रह जाएगा। इस पुल पर भारी से भारी सामान ले जाना संभव होगा। बताया जा रहा है कि इस पुल से सेना का 60 टन वजनी टैंक भी गुजर सकता है। इसके अलावा यह रिएक्टर स्केल पर 8.0 की तीव्रता वाला भूकंप भी झेल सकता है।

ढोला-सदिया पुल परियोजना की कुल लंबाई दोनों तरफ की सड़कों को मिलाकर कुल 28.50 किलोमीटर है और पुल की लंबाई 9.15 किलोमीटर है। इस पुल का निर्माण बीओटी एन्यूटी द्वारा किया गया, जिसकी कुल लागत 2,056 करोड़ रुपये है। इस पुल का उद्देश्य असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों को एक दूसरे के करीब लाना है।

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