Top
Begin typing your search...

बोफोर्स के 30 साल बाद भारतीय सेना को मिली हॉवित्‍जर तोप, आज होगा परीक्षण

बोफोर्स के 30 साल बाद भारतीय सेना को मिली हॉवित्‍जर तोप, आज होगा परीक्षण
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
नई दिल्ली : आखिरकार भारतीय सेना को बोफोर्स तोपों के करीब 30 साल बाद नई तोपें मिलेंगी। लंबे इंतजार के बाद एम-777 हॉवित्ज़र तोप भारत पहुंच चुकी है और उसका परीक्षण पोखरण रेंज में होगा। साल 1986 में बोफोर्स तोप के बाद अब सेना को एक कारगर तोप मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

भारतीय सेना को दो तोपें अमेरिका के बीएई सिस्टम से मिली हैं। इन दो 155 एमएम/39 कैलिबर अल्ट्रा लाइट हॉविटजर्स (यूएलएच) तोपों का गुरुवार को राजस्थान के पोखरण स्थित फायरिंग रेंज में परीक्षण किया जाएगा।

एम777 हॉवित्ज़र तोपों की खरीद को लेकर अमेरिका के साथ 2010 में डील शुरू की गई थी। मोदी सरकार ने पिछले साल 26 जून 2016 को 145 तोपों के लिए एक समझौते की घोषणा की थी। ​फॉरेन मिलिट्री सेल्स (एफएमएस) के तहत सरकार से सरकार के बीच हुई 2900 करोड़ रुपये की यह डील पिछले साल नवंबर में पूरी हुई थी।

बता दें 2900 करोड़ की इस डील के तहत अमेरिका भारत को 145 नई तोपें देगा। इस तोप की बात करें तो ऑप्टिकल फायर कंट्रोल वाली हॉवित्ज़र तोप से तक़रीबन 40 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट पर सटीक निशाना साधा जा सकता है। डिजिटल फायर कंट्रोल वाली यह तोप एक मिनट में 5 राउंड फायर करती है।

ख़बरों के मुताबिक टेस्टिंग के बाद हॉवित्ज़र तोप को चीन के साथ सीमा के निकट तैनात किया जाएगा। इसके बाद 3 तोपों को सितंबर में लाने का प्लान है। फिर 2019 के मार्च से लेकर 2021 के जून के बीच हर महीने 5-5 तोपें आएंगी।
Next Story
Share it